मात्र 10 दिन बाद फिर टूटी खेड़ी माइनर नहर : सरसों ओर गेहूं की फसलें जलमग्न , बार बार नहर टूटने पर लोगों ने जताया रोष

 

हरियाणा के सिरसा जिले में गांव कुम्हारिया और खेड़ी के बीच खेतों में खेड़ी माइनर नहर में फिर  टूट गई। 10 दिन पहले 20 नवंबर को भी नहर टूट गई थी उसी स्थान पर शनिवार देर रात करीब 1 बजे नहर की पटरी में दरार आ  गई। किसानों को पता चलने पर नहर टूटने की सूचना नहरी विभाग को दी। रविवार सुबह नहर में पीछे से पानी बंध करवाकर पटरी को बांधा गया ।

गाँव कुम्हारिया के किसान सुरेंद्र कुमार, अनिल कुमार के खेत से होकर गुजर रही नहर अचानक टूट गईजिससे किसानों की करीब 8 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। नई बिजाई की हुई गेहूं व सरसों की फसलों  को नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है की बड़ी मुश्किल से बिजाई कर रहे हैं ओर नहर बार बार टूटने से उन्हे आर्थिक नुकसान हो रहा है।  बार बार बिजाई करनी महंगी  पड़ेगी। जिससे खर्चा दो गुना हो गया।

 

ग्रामीण अनिल कुमार, सुरेन्द्र और राज कुमार ने बताया कि खेड़ी माइनर अचानक से टूट गई। नहर टूटने से राज कुमार की 3 एकड़ में गेहूं की फसल, सुनील कुमार की 3 एकड़ में सरसों की फसल, पृथवि सिंह की 3 एकड़ में सरसों की फसल, इन्होंने बताया की जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआग्रामीणों ने तुरंत सिंचाई विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। इन्होंने बताया की इसी स्थान पर नहर 10 दिन पहले टूटी थी। किसानों का कहना है की अंतिम छोर पर पड़ने के कारण सिंचाई के लिए पानी तो हमेशा ही कम पहुंचता है ओर बार बार नहर टूटने पर जहां एक ओर फसलें खराब हो जाती है वहीं आगे खेतों पानी नहीं पहुँच पाता। नहर में लीकेज की स्थिति को देखते हुए बेलदार पंकज ने दरार भरने का कार्य शुरू करवाया।

जेसीबी मशीन की सहायता से नहर की दरार को भरने का कार्य शुरू किया गयाजो करीब तीन घंटे की मेहनत के बाद पूरा हुआ। किसानों ने बताया कि खेड़ी माइनर नहर का यह हिस्सा नहर का अंतिम छोर है पानी का दबाव भी कम होता है। इसी कारण नहर में आई दरार को समय रहते कंट्रोल किया जा सका। 

कुम्हारिया और गांव खेड़ी के बीच खेतों में खेड़ी माइनर नहर टूटने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग द्वारा मौके पर जाकर नहर की दरार को पाटने का काम शुरू कर दिया गया। करीब तीन  घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी की सहायता से नहर के लीकेज को रोक दिया गया। और  फिलहाल सिंचाई जल की आपूर्ति फिर से बहाल कर दी गई है। नहर का यह हिस्सा अभी कच्चा है ओर अंतिम छोर पर कचरा ज्यादा या जाता है जिससे नहर टूट जाती है, इस कच्चे हिस्से को पक्का करवाया जाएगा ।  --  मनजीत बैनीवाल जेई सिंचाई विभाग