कुतियाना माईनर टूटी, 20 एकड़ जमीन में नरमा, मुंगफली, मूंग की फसल जलमग्न, किसानों ने कि मुआवजे की मांग
हरियाणा के सिरसा जिला के नाथुसरी चोपटा क्षेत्र से गुजरने वाली कुतियाना माईनर रात को अचानक टूट गई। नहर में करीब 30 फीट चोड़ी दरार आ गई। जिससे करीब 20 एकड़ में नरमा, मुंगफली, मूंग की फसल जल मग्न हो गई। और कई गांवों के किसान सिंचाई पानी से वंचित रह गए । ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने नहर टूटने की सूचना दे दी है। नहर को हैड से बंद करवा कर दरार को पाटने का काम शुरू किया जाएगा है।
नाथुसरी चोपटा में से गुजरने वाली कुतियाना माईनर नहर जोड़किया और हंजीरा गांव के बीच किसान सतवीर पूनिया के खेत में रात को अचानक टूट गई। जिससे किसानों पकाने के कगार पर खड़ी करीब 14 एकड़ नरमे की फसल, तीन एकड़ मूंगफली, तीन एकड़ मूंग की फसले पूरी तरह पानी से डूब गई। और नलकूपों व खेत में बनी पानी की डिग्गी के आसपास भी पानी भर गया।
किसान विकास, सतबीर, रोहतास का कहना है कि उन्होंने नरमा, मुंगफली, मूंग इत्यादि की फसल की बिजाई कर रखी थी और अब अचानक नहर टूटने से फसल पूरी तरह से जल मग्न हो गई है। अब जब तक पानी नहीं सुखेगा तब तक फसल बर्बाद हो जाएगी । यह फसल तो बर्बाद हो गई । पूरे साल की मेहनत पर पानी फिर गया। इनका कहना है कि सरकार व प्रशासन को मुआवजा देना चाहिए।
कुतियाना माईनर से मंजीरा, जोड़किया, कुतियाना, बरासरी, जमाल सहित कई गांवों के खेतों में पानी से सिंचाई की जाती है। अब नहर टूटने से इन गांवों के पानी की बारी वाले किसानों कि फसलें बीना सिंचाई के ही रह गई। किसाों का कहना है कि जब भी नहर की से सिंचाई की पानी की बारी आती है तो पीछे नहर टूट जाती है।
नहर टूटने के बाद पीछे से नहर को बंद करवाया जाता है और फिर नहर की पटरी को बांधकर पानी छोड़ा जाता है इस दौरान जिन किसानों के खेतों में सिंचाई के पानी की बारी होती है। वह खेत सूखे ही रह जाते हैं। और अभी तीन दिन तक सिंचाई पानी पूरी तरह बाधित हो गया है। किसानों का कहना है कि बार-बार नहर टूटने के कारण फसलों का उत्पादन पर भी विपरित असर पड़ता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है।