सीडीएलयू में सुरक्षा कर्मचारियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर व्याख्यान आयोजित

कार्यक्रम का संचालन सोनिया, शोधार्थी (पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग) द्वारा किया गया।
 
 सीडीएलयू का यह कदम निश्चित रूप से अपने कर्मचारियों के भले के लिए एक सकारात्मक दिशा में अग्रसर है।

सिरसा, 26 नवंबर 2025 – चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू), सिरसा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के टैगोर लेक्चर थिएटर में राजयोग शिक्षा एवं अनुसंधान फाउंडेशन के सुरक्षा सेवा प्रभाग द्वारा आयोजित किया गया। इस व्याख्यान का उद्देश्य विशेष रूप से विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के महत्व के बारे में जागरूक करना था।

कार्यक्रम में सीडीएलयू के कुलगुरु प्रो. विजय कुमार के दिशा-निर्देशों के तहत सुरक्षा कर्मियों को उनके तनावपूर्ण कार्य जीवन में मानसिक और आंतरिक शांति प्राप्त करने के उपायों पर चर्चा की गई।

डॉ. रविंदर का अध्यक्षीय संबोधन

कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीएलयू के यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज सेल के समन्वयक डॉ. रविंदर ने की। उन्होंने अपने संबोधन में सुरक्षा कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया और उन्हें बताया कि कैसे मानव मूल्यों और आध्यात्मिकता को अपने जीवन में उतारने से पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बना सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा कर्मचारी अक्सर कठिन परिस्थितियों में कार्य करते हैं, जहां मानसिक तनाव और दबाव अत्यधिक हो सकते हैं। ऐसे में मानसिक शांति और आंतरिक बल की आवश्यकता अधिक महसूस होती है।

मुख्य वक्ता के रूप में बीके जयश्री

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में राजयोग शिक्षा एवं अनुसंधान फाउंडेशन की बीके जयश्री ने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव से निपटने और कार्य में दक्षता बढ़ाने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग का अभ्यास अत्यंत लाभकारी हो सकता है। बीके जयश्री ने स्पष्ट किया कि राजयोग का अभ्यास व्यक्ति को अपने विचारों और भावनाओं पर नियंत्रण रखने की शक्ति प्रदान करता है, जिससे वह तनावपूर्ण स्थितियों में भी शांति बनाए रख सकता है और सही निर्णय ले सकता है।

उन्होंने यह भी बताया कि मानसिक शांति केवल व्यक्तिगत जीवन में ही नहीं, बल्कि पेशेवर जीवन में भी महत्वपूर्ण है। जब कोई व्यक्ति शांत और सुसंस्कृत मानसिकता के साथ कार्य करता है, तो उसकी कार्यक्षमता बढ़ती है और वह अपने सहकर्मियों के साथ बेहतर संबंध स्थापित कर पाता है। बीके जयश्री ने सुरक्षा कर्मचारियों को यह सलाह दी कि वे अपने कार्यों को आध्यात्मिक दृष्टिकोण से देखें, क्योंकि यह दृष्टिकोण उन्हें अपनी नौकरी के तनावपूर्ण पहलुओं को सकारात्मक रूप से समझने में मदद करेगा।

हिम्मत सिंह का धन्यवाद ज्ञापन

कार्यक्रम के अंत में, विश्वविद्यालय के सुरक्षा अधिकारी हिम्मत सिंह ने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और वक्ताओं का औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि इस व्याख्यान से उन्हें और उनके सहकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के महत्व को समझने का मौका मिला और वे इसे अपने जीवन में लागू करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने विशेष रूप से बीके जयश्री के संबोधन को प्रेरणादायक बताया और कहा कि यह व्याख्यान उनके लिए एक नए दृष्टिकोण का उद्घाटन था।

कार्यक्रम का संचालन और अन्य गणमान्य व्यक्ति

कार्यक्रम का संचालन सोनिया, शोधार्थी (पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग) द्वारा किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें बीके भारती, बीके धनवर्षा, विजय चुघ और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल थे। इन सभी ने इस कार्यक्रम की सराहना की और सुरक्षा कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को सराहा।

मानसिक स्वास्थ्य की महत्ता

इस कार्यक्रम के माध्यम से यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण सिर्फ व्यक्ति के व्यक्तिगत जीवन में ही नहीं, बल्कि उनके कार्यस्थल पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सुरक्षा कर्मचारियों जैसे पेशेवरों के लिए, जो प्रतिदिन तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण स्थितियों का सामना करते हैं, मानसिक शांति और संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रमों से न केवल कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ती है, बल्कि उन्हें अपने पेशेवर जीवन में चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक उपकरण भी मिलते हैं।

चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय का यह प्रयास सराहनीय है, क्योंकि इसने सुरक्षा कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक सकारात्मक वातावरण बनाने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाया है। भविष्य में ऐसे और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि कर्मचारी अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य का सही तरीके से ख्याल रख सकें और उनके कार्य जीवन में संतुलन स्थापित हो सके।

कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम सुरक्षा कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल थी, जो उन्हें मानसिक और शारीरिक कल्याण के महत्व के बारे में समझने और उन्हें अपने जीवन में लागू करने का अवसर प्रदान करता है। इस तरह के आयोजनों से कर्मचारी न केवल अपने कार्यों में और अधिक दक्षता हासिल कर सकते हैं, बल्कि वे मानसिक शांति और संतुलन को भी अपने जीवन का हिस्सा बना सकते हैं। सीडीएलयू का यह कदम निश्चित रूप से अपने कर्मचारियों के भले के लिए एक सकारात्मक दिशा में अग्रसर है।

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