हरियाणा में नौकरियों की होगी बारिश! CM सैनी ने लागू की 'Make in Haryana Policy 2026', पढ़ें युवाओं को क्या मिलेगा
चंडीगढ़। हरियाणा में रोजगार और बिजनेस के नए अवसर तलाश रहे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार खबर है। राज्य को देश का सबसे बड़ा औद्योगिक और मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए सरकार ने नई ‘मेक इन हरियाणा इंडस्ट्रियल पॉलिसी-2026’ लागू कर दी है।
बुधवार को राज्यपाल और कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त व सचिव डा. अमित कुमार अग्रवाल ने इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह नई नीति अगले पांच साल तक पूरे हरियाणा में लागू रहेगी। इस पॉलिसी का सीधा मकसद बड़े निवेश को राज्य में खींचना, उद्योगों को आधुनिक सुविधाएं देना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर पक्के रोजगार पैदा करना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में देश में पहली बार एक साथ 10 नई औद्योगिक नीतियां जारी की थीं, जिनमें यह 'मेक इन हरियाणा' नीति सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण है। सरकार का विजन बिल्कुल साफ है कि अब हरियाणा की पहचान सिर्फ ऑटोमोबाइल या पुरानी मैन्युफैक्चरिंग तक सीमित नहीं रहेगी।
अब सरकार का पूरा फोकस राज्य को इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), लॉजिस्टिक्स, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D), वेयरहाउसिंग और नई तकनीक वाले आधुनिक उद्योगों का एक ग्लोबल सेंटर बनाने पर है। इन नए सेक्टर्स के आने से प्रदेश में निवेश के साथ-साथ नौकरियों की बाढ़ आने की उम्मीद है।
इस पॉलिसी की सबसे खास बात यह है कि अब विकास सिर्फ गुरुग्राम या फरीदाबाद जैसे एनसीआर (NCR) के इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। अक्सर देखा गया है कि बाकी जिले औद्योगीकरण में पीछे छूट जाते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। पूरे प्रदेश में एक समान विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने हरियाणा के सभी जिलों को चार अलग-अलग श्रेणियों में बांट दिया है।
ये चार श्रेणियां हैं- कोर एरिया, इंटरमीडिएट एरिया, प्राइम एरिया और प्राइम फोकस एरिया। इस नए मास्टर प्लान से उन पिछड़े जिलों और ग्रामीण इलाकों में भी बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां और उद्योग लगेंगे, जहां अब तक कोई खास विकास नहीं हुआ था। इससे वहां के स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिल सकेगा और बड़े निवेशकों को हरियाणा लाने के लिए पॉलिसी में कई खास रियायतों का भी प्रबंध किया गया है।