हरियाणा का नंबर-1 कॉलेज बना सिरसा का नाथूसरी चौपटा! प्रदेश सरकार ने दिया 50 लाख का इनाम, जानें क्या है खास

सिर्फ पढ़ाई नहीं, प्लेसमेंट में भी अव्वल! हरियाणा के इस पॉलिटेक्निक कॉलेज ने गाड़ा सफलता का झंडा; मिली 50 लाख की सम्मान राशि
 

नाथूसरी चौपटा (सिरसा): तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा स्थित चौधरी देवीलाल राजकीय बहुतकनीकी संस्थान ने प्रदेश स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए हरियाणा में पहला स्थान प्राप्त किया है। संस्थान को यह गौरवपूर्ण स्थान उसकी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नवाचारी पद्धतियों, उत्कृष्ट कौशल विकास और शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड के आधार पर दिया गया है। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा भवन में तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा और खेल मंत्री गौरव गौतम ने संस्थान की इस सफलता के लिए 50 लाख रुपये की सम्मान राशि का चेक और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

इस सम्मान समारोह के दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग, महानिदेशक प्रभजोत सिंह और निदेशक यशपाल बेरवाल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। संस्थान की ओर से यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रधानाचार्य विवेक वोहरा और ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट अधिकारी राजकुमार दास ने प्राप्त किया। इस उपलब्धि ने न केवल संस्थान के शैक्षणिक स्तर को प्रमाणित किया है, बल्कि उद्योग जगत में इसकी विश्वसनीयता को भी नई ऊंचाई दी है। संस्थान ने अपने लगभग शत-प्रतिशत दाखिले और विद्यार्थियों के रिकॉर्ड तोड़ प्लेसमेंट के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।

प्रधानाचार्य विवेक वोहरा ने इस सफलता का श्रेय संस्थान के अनुभवी शिक्षकों, मेहनती विद्यार्थियों और बेहतर प्रयोगशालाओं के तालमेल को दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में यहाँ कंप्यूटर साइंस, सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग जैसी महत्वपूर्ण शाखाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। प्रधानाचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि पुरस्कार में मिली 50 लाख रुपये की राशि का उपयोग विद्यार्थियों के कौशल विकास को और अधिक आधुनिक बनाने और रोजगार उन्मुख तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।

यह उपलब्धि पूरे सिरसा जिले के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित होने के बावजूद इस संस्थान ने पूरे प्रदेश के बड़े शहरों के संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए तकनीकी शिक्षा में अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की है। संस्थान की इस कामयाबी से आने वाले समय में यहाँ दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए और भी बेहतर अवसर और औद्योगिक संबंध विकसित होने की उम्मीद है। शिक्षकों और छात्रों के बीच खुशी का माहौल है और इसे सुशासन व तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।