एक साथ जन्मे, साथ पढ़े और साथ ही हुए रिटायर, नाथूसरी चौपटा सिरसा के जुड़वा शिक्षकों की प्रेरक कहानी
नाथूसरी चौपटा (सिरसा)। हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा क्षेत्र के गांव नाथूसरी कलां से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। गांव के जुड़वा भाई रोहताश कुमार और रघुवीर सिंह ने जीवन के हर महत्वपूर्ण पड़ाव को लगभग साथ-साथ तय किया। दोनों का जन्म एक ही दिन हुआ, दोनों ने साथ पढ़ाई की, शिक्षा विभाग में शिक्षक बने और अब लगभग 37 वर्षों की शानदार सरकारी सेवा पूरी कर एक ही दिन सेवानिवृत्त हो गए।
सेवानिवृत्ति के अवसर पर राजकीय माध्यमिक विद्यालय रूपाणा बिश्नोइयां और शहीद कृष्ण कुमार राजकीय माध्यमिक विद्यालय तरकांवाली में भव्य विदाई समारोह आयोजित किए गए। स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों, ग्रामीणों, पंचायत प्रतिनिधियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने दोनों शिक्षकों को सम्मानपूर्वक विदाई दी।
खंड शिक्षा अधिकारी ने की सेवाओं की सराहना
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर सिंह ढढ़ियारिया ने दोनों शिक्षकों के योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने अपने सेवाकाल में शिक्षा की गुणवत्ता और विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा देने का कार्य किया।
उन्होंने बताया कि रघुवीर सिंह के नेतृत्व में विद्यालय ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। पिछले सत्र में विद्यालय के दो विद्यार्थियों का इंस्पायर मानक अवार्ड के लिए चयन हुआ, जिनमें प्रत्येक को 10-10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली। वर्ष 2024 में विद्यालय का एक विद्यार्थी राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी तक पहुंचा तथा विद्यालय ने खंड स्तरीय सौंदर्यकरण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान भी प्राप्त किया।
वहीं रोहताश कुमार के नेतृत्व में भी विद्यालय ने शिक्षा, अनुशासन और नवाचार के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
शिक्षा से सेवा तक का सफर
दोनों भाइयों का जन्म 9 जुलाई 1968 को गांव नाथूसरी कलां में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा उन्होंने नाथूसरी चौपटा के राजकीय विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद राजकीय नेशनल कॉलेज से स्नातक तथा हिसार के साधु राम कॉलेज से बीएड की शिक्षा पूरी की।
रोहताश कुमार ने 28 जुलाई 1994 को शिक्षा विभाग में अध्यापक के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। उन्होंने चौपटा, तरकांवाली और शक्करमंदोरी विद्यालयों में सेवाएं दीं। वर्ष 2021 में मुख्याध्यापक पद पर पदोन्नत होकर रूपाणा बिश्नोइयां विद्यालय में कार्य किया और वहीं से सेवानिवृत्त हुए।
रघुवीर सिंह ने 16 अगस्त 1995 को लुदेसर के राजकीय विद्यालय में गणित अध्यापक के रूप में अपनी सेवा शुरू की। इसके बाद शाहपुरिया, रामपुरा ढिल्लो और तरकांवाली विद्यालयों में कार्य किया। वर्ष 2021 में मुख्याध्यापक पद पर पदोन्नति मिलने के बाद उन्होंने तरकांवाली विद्यालय से अपनी सेवाएं पूर्ण कीं।
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सादगी और समय की पाबंदी बनी पहचान
दोनों शिक्षक अपने पूरे सेवाकाल में सादगी और अनुशासन के लिए जाने जाते रहे। वे अक्सर साइकिल या पैदल ही समय पर विद्यालय पहुंचते थे और आज भी साइकिल चलाना पसंद करते हैं। उनके पढ़ाए हुए अनेक विद्यार्थी आज डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, सैनिक तथा विभिन्न सरकारी विभागों में अधिकारी और कर्मचारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं।
ढोल-नगाड़ों के साथ दी भावभीनी विदाई
विदाई समारोह में स्कूल प्रबंधन समिति, पंचायत, शिक्षक, कर्मचारी, पूर्व विद्यार्थी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने दोनों शिक्षकों को बेदाग सेवाकाल के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की।
खंड शिक्षा अधिकारी सतबीर सिंह ढढ़ियारिया तथा क्लस्टर मुखिया प्रताप ढूकिया ने दोनों शिक्षकों को शिक्षा जगत का "कोहिनूर" बताते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
कार्यक्रम के समापन पर स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए दोनों शिक्षकों को सम्मानपूर्वक उनके घर तक विदा किया। इस अवसर पर समाजसेवी रघुबीर कड़वासरा सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत उनके पूर्व विद्यार्थी भी मौजूद रहे।
प्रमुख बातें
- नाथूसरी कलां के जुड़वा भाई एक ही दिन हुए सेवानिवृत्त।
- दोनों ने शिक्षा विभाग में लगभग 37 वर्षों तक सेवाएं दीं।
- दोनों वर्ष 2021 में मुख्याध्यापक पद पर पदोन्नत हुए।
- विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर तक विद्यालय का नाम रोशन किया।
- ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ ने ढोल-नगाड़ों के साथ दी भावभीनी विदाई।
नाथूसरी कलां के जुड़वा शिक्षक रोहताश कुमार और रघुवीर सिंह को सेवानिवृत्ति पर सम्मानित करते खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय स्टाफ, पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण।