हिसार एयरपोर्ट पर जल्द शुरू होगी नाइट फ्लाइट सर्विस: जयपुर के लिए 1 नवंबर से उड़ान की तैयारी.
हरियाणा का महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट अब एक और बड़ी सुविधा की ओर बढ़ रहा है। जल्द ही यहां से रात के समय भी विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ की सुविधा शुरू होने जा रही है।
एयरपोर्ट प्रशासन ने नाइट लैंडिंग के लिए सभी जरूरी तकनीकी और सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए हैं और अब अगला कदम डीजीसीए (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) से मंजूरी लेना है। इसके लिए आवेदन इसी सप्ताह भेजा जाएगा।
नाइट लैंडिंग के लिए तकनीकी तैयारियां पूरी
रात्रिकालीन उड़ानों के लिए एयरपोर्ट के रनवे और टैक्सीवे पर आधुनिक लाइटिंग सिस्टम लगाया गया है। इनमें रनवे लाइटिंग, टैक्सीवे लाइटिंग, अप्रोच लाइट्स, स्ट्रोब लाइट्स, एंटी-कॉलिजन लाइट्स और पोजिशन लाइट्स जैसी सभी जरूरी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
ये सभी इंतजाम डीजीसीए की गाइडलाइंस के अनुरूप किए गए हैं। अब डीजीसीए की निरीक्षण टीम हवाई अड्डे का दौरा करेगी, और संतोषजनक व्यवस्था मिलने पर नाइट फ्लाइट्स की इजाजत दे दी जाएगी।
फिलहाल दिन में ही संचालित हो रही सीमित उड़ानें
इस समय हिसार एयरपोर्ट से केवल दिनकाल में उड़ानें संचालित की जा रही हैं। यहां से दिल्ली, अयोध्या और चंडीगढ़ के लिए सीमित फ्लाइट्स चलाई जा रही हैं। दिल्ली और अयोध्या के लिए 72 सीटर विमान और चंडीगढ़ के लिए 42 सीटर विमान सेवा उपलब्ध है। इन रूट्स पर सप्ताह में दो-दो दिन उड़ानें दी जा रही हैं।
1 नवंबर से जयपुर के लिए उड़ान संभव
एयरपोर्ट विकास के तीसरे चरण में जयपुर को भी जोड़ा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अलायंस एयरलाइन 1 नवंबर 2025 से जयपुर के लिए फ्लाइट सेवा शुरू कर सकती है। इससे हिसार और आसपास के लोगों को राजस्थान की राजधानी तक सीधा और तेज सफर मिल सकेगा। जयपुर के बाद अहमदाबाद और जम्मू के लिए भी उड़ानों की योजना बनाई जा रही है।
नए टर्मिनल का काम अब तक शुरू नहीं
14 अप्रैल 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिसार एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की आधारशिला रखी थी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹413 करोड़ रखी गई है और इसे अप्रैल 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
टर्मिनल निर्माण में पैसेंजर टर्मिनल बिल्डिंग (37790 वर्ग मीटर), कार्गो टर्मिनल (2235 वर्ग मीटर) और नया ATC टॉवर शामिल हैं। हालांकि, तीन महीने बीतने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है, जिससे लोगों में असंतोष है।
हिसार एयरपोर्ट को लेकर बढ़ रही उम्मीदें
हिसार एयरपोर्ट को लेकर लोगों में खासा उत्साह है। यह न केवल क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बना रहा है, बल्कि उत्तर भारत में एक वैकल्पिक हवाई अड्डे के रूप में उभर रहा है।
नाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू होने के बाद यहां से और अधिक उड़ानों की संभावना बन जाएगी, जिससे व्यापार, शिक्षा और टूरिज्म सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
नाइट लैंडिंग की सुविधा और नए रूट्स की शुरुआत हिसार को एक बड़े एविएशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में अहम कदम है।
अब निगाहें DGCA की अनुमति और टर्मिनल निर्माण कार्य पर टिकी हैं। यदि सब कुछ समय पर पूरा हुआ तो हिसार एयरपोर्ट हरियाणा के लिए एक बड़ी उड़ान साबित हो सकता है।