हरियाणा में अनौखा मामला, कब्र से निकाल पोस्टमार्ट के लिए भेजा शब, जाने पूरा मामला
दादा ने पोते की मौत को बताया संदिग्ध
कोर्ट के आदेश पर प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई होगी
नूंह। जिले के गांव सौंख में मंगलवार को प्रशासन की निगरानी में एक विशेष कार्रवाई के तहत कब्र से एक बच्चे का शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। यह कार्रवाई बच्चे के दादा शमशाद निवासी गांव सौंख द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें उन्होंने अपने पोते मोहम्मद आहिल की मृत्यु को संदिग्ध बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी।
परिजनों के अनुसार शमशाद के पुत्र साहिल की वर्ष 2025 में एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उस समय उसकी पत्नी अफसाना गर्भवती थी और बाद में उसने एक पुत्र को जन्म दिया, जिसका नाम मोहम्मद आहिल रखा गया। कुछ समय बाद अफसाना अपने मायके गांव जैताका, थाना नगीना चली गई थी। मार्च माह में मोहम्मद आहिल की मृत्यु हो गई, जिसके बाद बच्चे का शव गांव सौंख लाकर मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार दफना दिया गया था।
शमशाद ने उच्च अधिकारियों को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पोते की मृत्यु स्वाभाविक नहीं थी और मामले की गहन जांच कराई जानी चाहिए। शिकायत में पुत्रवधू सहित उसके मायके पक्ष के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।
शिकायत के आधार पर पुलिस द्वारा रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की गई, जिसके बाद उपमंडल मजिस्ट्रेट फिरोजपुर झिरका द्वारा ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए जाने के आदेश जारी किए गए। आदेश के अनुसार, गांव सौंख स्थित कब्रिस्तान में शव निकालने की कार्रवाई के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया गया।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारियों, भारी पुलिस बल तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में कब्र से बच्चे का शव निकाला गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जा रही है तथा सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर तथ्य जुटाए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मृत्यु के कारणों को लेकर स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।