पंचकूला TBRL में हाई कैलिबर बम की टेस्टिंग सफल, 2KM एरिया रहा अलर्ट पर
पंचकूला। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की पंचकूला स्थित टीबीआरएल (TBRL) इकाई में रविवार को हाई कैलिबर बम का सफल परीक्षण किया गया। रामगढ़ में हुआ यह परीक्षण भारतीय वायु सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी और निगरानी में पूरा किया गया।
2 किलोमीटर का इलाका बना संवेदनशील जोन
इस परीक्षण को देखते हुए टीबीआरएल, पुलिस और पंचकूला जिला प्रशासन ने इलाके में पहले से ही हाई अलर्ट जारी कर दिया था। सुरक्षा व्यवस्था के तहत आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई।
प्रशासन को अंदेशा था कि विस्फोट के दौरान बम के टुकड़े 1.5 किलोमीटर दूर तक जा सकते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए लगभग 2 किलोमीटर के इलाके को 'संवेदनशील जोन' घोषित किया गया था।
पंचकूला में हाई कैलिबर बम का सफल ट्रायल, सुरक्षा के बीच पूरा हुआ परीक्षण pic.twitter.com/c61TbYbIb4
— Naveen singh kushwaha (@Naveenskushwaha) May 31, 2026
भानू और बिल्ला गांव के लिए जारी हुए सुरक्षा निर्देश
प्रशासन ने रामगढ़ के पास लगते भानू और बिल्ला गांव के निवासियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए थे। ग्रामीणों से अपील की गई थी कि वे प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें:
- परीक्षण के दौरान तय किए गए संवेदनशील जोन में प्रवेश न करें।
- यदि आसमान से कोई अनजान धातु या बम का टुकड़ा गिरे, तो उसे न छुएं।
- विस्फोट की आवाज के समय घरों की खिड़कियों के शीशे बंद रखें।
- कोई भी संदिग्ध चीज दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या डायल 112 पर सूचना दें।
बिना किसी अप्रिय घटना के पूरा हुआ ट्रायल
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम पूरे ट्रायल के दौरान मौके पर तैनात रही। अधिकारियों के अनुसार परीक्षण सफल रहा और इसे निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत पूरा किया गया।
ट्रायल के दौरान इलाके में किसी भी अप्रिय घटना या नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
क्या है टीबीआरएल?
टीबीआरएल (टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी) डीआरडीओ (DRDO) की एक प्रयोगशाला है। यहां मुख्य रूप से भारतीय सेना के लिए बनाए गए बमों और विस्फोटकों की मारक क्षमता का परीक्षण किया जाता है।