सिरसा  (CDLU) में  प्रो. राम मेहर सिंह और प्रो. सुल्तान सिंह को सौंपी गई  अहम जिम्मेदारियां ।  

प्रो. राम मेहर सिंह को डीन ऑफ कॉलेजेज का अतिरिक्त दायित्व
 
शोध और शिक्षण क्षेत्र में उनका योगदान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख को और मजबूती देता है।


 (CDLU), सिरसा के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने दो वरिष्ठ शिक्षकों को महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी हैं। फिजिक्स विभाग के प्रोफेसर राम मेहर सिंह को डीन ऑफ कॉलेजेज का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है, जबकि लोक प्रशासन विभाग के प्रोफेसर सुल्तान सिंह को निदेशक, यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर कॉम्पिटिटिव एक्सामिनेशन्स के रूप में नियुक्त किया गया है। इन नियुक्तियों की आधिकारिक अधिसूचना कुलसचिव डॉ. अशोक शर्मा द्वारा जारी की गई है।

प्रो. राम मेहर सिंह को डीन ऑफ कॉलेजेज का अतिरिक्त दायित्व
वर्तमान में प्रो. राम मेहर सिंह फिजिक्स विभाग के अध्यक्ष हैं और अपने संगठनात्मक अनुभव और अनुसंधान कार्यों के लिए जाने जाते हैं। इससे पूर्व वे भूगोल विभाग का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने एनआईआरएफ निदेशक, बॉयज़ हॉस्टल्स के वार्डन, तथा रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल के कोऑर्डिनेटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी सेवा दी है।

उनके नाम 60 से अधिक शोध पत्र राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में प्रकाशित हैं और वे 40 से अधिक सेमिनारों में भाग ले चुके हैं। शोध और शिक्षण क्षेत्र में उनका योगदान विश्वविद्यालय की शैक्षणिक साख को और मजबूती देता है।

प्रो. सुल्तान सिंह को यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर कॉम्पिटिटिव एक्सामिनेशन्स का निदेशक नियुक्त
लोक प्रशासन विभाग के प्रोफेसर सुल्तान सिंह वर्ष 2004 से विश्वविद्यालय में सेवा दे रहे हैं। उन्होंने "हरियाणा में पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से सुशासन" विषय पर पीएच.डी. की है और उनकी पुस्तक ‘पंचायती राज: सुशासन का माध्यम’ शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में उपयोगी संदर्भ मानी जाती है।

प्रो. सिंह ने अब तक 50 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं और कई महत्वपूर्ण शोध परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाई है। वह एम.फिल. और पीएच.डी. शोधार्थियों का निर्देशन कर रहे हैं।

प्रोफेसर सुल्तान सिंह को लोक प्रशासन, सुशासन, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास और सार्वजनिक नीतियों जैसे विषयों में विशेषज्ञता हासिल है। वे विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा केंद्र के उपनिदेशक भी रह चुके हैं और कई अकादमिक समितियों में सदस्य के रूप में योगदान दे चुके हैं।