हरियाणा के 2 गांवों की किस्मत बदली महाग्राम योजना में शामिल, अब मिलेंगी ये सभी सुविधाएं
महाग्राम योजना है क्या और इन गांवों को इससे क्या मिलेगा?
महाग्राम यानी 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को शहरों की तर्ज पर सुविधाएं देने की यह योजना पूर्व की मनोहर सरकार के समय बनाई गई थी। अब नायब सरकार ने इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का खाका तैयार कर लिया है। इस योजना के तहत शहरों की तर्ज पर प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 135 लीटर पानी उपलब्ध कराया जाएगा। गांवों में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) भी बनाए जाएंगे और भविष्य में उपचारित पानी को खेती व निर्माण कार्यों में इस्तेमाल किया जाएगा।
इस योजना में विकास एवं पंचायत, PWD, बिजली, सिंचाई और मार्केटिंग बोर्ड जैसे कई विभागों को जोड़ा गया है। सीवरेज सिस्टम के अलावा पार्क, स्ट्रीट लाइट, तालाब और पक्की सड़कें भी बनाई जाएंगी। यानी यह सिर्फ सीवर लाइन का मामला नहीं इन गांवों को धीरे-धीरे एक छोटे शहर जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
विधायक की मांग में दम था, सरकार ने माना
रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने विधानसभा में साफ तर्क रखा कि आकेड़ा और घटाल महानियावास में कई कालोनियां आपस में जुड़ी हुई हैं और यह इलाका भिवाड़ी के औद्योगिक क्षेत्र से सटा है। उनके मुताबिक नियमानुसार इन दोनों गांवों की आबादी मिलाकर 12 हजार से ज्यादा है और किराएदारों को मिला दें तो यह आंकड़ा 25 हजार के करीब पहुंच जाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि पंचायत विभाग ने दोनों गांवों के लिए सीवर लाइन बिछाने का 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का प्रस्ताव पहले ही दे रखा है। विधायक ने मांग की कि ज्वाइंट कमेटी में जिला उपायुक्त को भी शामिल किया जाए ताकि काम तेजी से हो।
पंचायत मंत्री ने जवाब दिया कि आकेड़ा की दर्ज आबादी 514 और घटाल महानियावास की 4,629 है। दोनों के पास ग्राम पंचायत की अपनी जमीन भी नहीं है, इसीलिए इन्हें अलग-अलग महाग्राम में शामिल करना संभव नहीं था। लेकिन मर्ज करने के बाद आबादी 10 हजार का आंकड़ा पार करती है, इसलिए दोनों को एक करके महाग्राम योजना में लाया जाएगा और सीवर लाइन का काम होगा।
पूरे हरियाणा में कितनी तेजी से बढ़ रही है यह योजना?
हरियाणा में 148 गांवों को महाग्राम योजना के तहत चिह्नित किया गया है। इनमें से 19 गांवों में जलापूर्ति और सीवरेज सुविधाओं का काम लगभग पूरा हो चुका है और 34 महाग्रामों में दिसंबर 2027 तक सुविधाएं मुहैया कराने का लक्ष्य है। पहले चरण में 129 गांवों को इस योजना में शामिल किया गया था, लेकिन बाद में नियमों में बदलाव करते हुए 19 और गांव जोड़े गए — ये वे गांव हैं जो पहले ही कस्बे का रूप ले चुके हैं या शहरों से पूरी तरह जुड़े हुए हैं।
भिवानी में एक अकेले गांव धनाना में 70 करोड़ रुपये के बजट से सीवर और पेयजल लाइनें डाली जा रही हैं और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाएगा। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि रेवाड़ी के इन दोनों गांवों के लिए भी सरकार को अच्छा-खासा बजट देना होगा।
रेवाड़ी के आकेड़ा और घटाल महानियावास के लोग लंबे समय से सीवर लाइन और बुनियादी सुविधाओं का इंतजार कर रहे थे। अब ADC और CEO जिला परिषद की संयुक्त कमेटी जमीनी तैयारी शुरू करेगी और जल्द ही यह काम आगे बढ़ेगा।