राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नाथूसरी कलां में हरियाणा की समृद्ध संस्कृति और परंपरा कार्यक्रम का आयोजन 

त्योहार हमारी संस्कृति और विरासत का प्रतीक:  सरपंच रीटा कासनियां 
 
तीज त्यौहार का अत्यधिक सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व है, जो समाज में महिलाओं के महत्व को उजागर करता है।

चोपटा। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नाथूसरी कलां में हरियाणा की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 'तीज उत्सव' के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया  गया।  

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य सतवीर सिंह ढिढारिया ने की और मुख्य अतिथि के तौर पर नाथूसरी कलां की सरपंच रीटा जगतपाल कासनिया  ने  शिरकत की। सरपंच  रीटा कासनिया ने कहा कि त्योहार हमारी संस्कृति और विरासत का प्रतीक है हमें अपनी संस्कृति को बचाए रखने के लिए सभी तरह के रीति-रिवाज त्यौहार को वचा रखना पड़ेगा।

 आज के आधुनिक युग में हमारे त्यौहार एवं परंपराएं लुप्त होती जा रही है विरासत को बचाए रखने में युवा पीढ़ी का सहयोग एवं योगदान अति आवश्यक है उन्होंने विद्यालय की  अध्यापिकाओं गांव की औरतों एवं छात्राओं के साथ पारंपरिक तीज के गीत,रीति-रिवाजों एवं सावन के झूलों के बारे में छात्राओं को जागृत किया और झूला झूल कर तीज उत्सव का शुभारंभ किया ।

विद्यालय प्रवक्ता दलबीर सिंह ने कहा कि तीज त्यौहार का अत्यधिक सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व है, जो समाज में महिलाओं के महत्व को उजागर करता है। उपवास, प्रार्थना और उत्सवों के माध्यम से, महिलाएं अपने रिश्तों का सम्मान करने और सौहार्दपूर्ण विवाह के लिए आशीर्वाद मांगने के लिए एक साथ यह पर्व मनाती हैं।

इस अवसर पर

सामाजिक कार्यकर्ता गार्गी गांव की महिलाएं, छात्राओं और अध्यापिकाओं ने कार्यक्रम में बढ चढ कर भाग लिया