सोनीपत में बुजुर्ग देवर ने भाभी का गला रेता, खुद लगाया फंदा — अलमारी पर लिखी हत्या की वजह
सोनीपत के सेक्टर-14 स्थित कोठी नंबर 1120 में मंगलवार दोपहर को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक ही कमरे में दो बुजुर्गों के शव मिले। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 78 वर्षीय महाबीर राणा ने पहले अपनी भाभी आशा (78) का गला धारदार हथियार से रेतकर हत्या की और बाद में बिजली की तार से फंदा लगाकर खुद जान दे दी। घटना के पीछे दशकों पुरानी पारिवारिक रंजिश के संकेत मिले हैं — और सबूत खुद कमरे की दीवारों पर लिखे मिले।
कैसे सामने आई पूरी घटना?
मूल रूप से सोनीपत के गांव रामपुर कुंडल के निवासी महाबीर राणा वर्ष 2012 से इसी कोठी में रह रहे थे। वह पहली मंजिल पर अपनी पत्नी और बेटे पिंटू के परिवार के साथ रहते थे, जबकि उनकी भाभी आशा भूतल पर अकेली रहती थीं। मंगलवार सुबह महाबीर दूध लेने जाने की बात कहकर घर से निकले और वापस नहीं आए। जब वह नहीं लौटे तो उनकी पत्नी ने पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी।
इसी दौरान आशा के घर काम करने वाली महिला को उनका दरवाजा बंद मिला। दोपहर तक पड़ोसियों को खबर हुई। जब परिवार ने दरवाजा तोड़कर अंदर कदम रखा तो सामने का नज़ारा देख सभी स्तब्ध रह गए — आशा का शव जमीन पर पड़ा था, गला कटा हुआ, और महाबीर बिजली की तार से बने फंदे पर छत से लटके मिले।
दीवारों पर लिखे आरोप — 11 साल पुरानी मौत की कहानी फिर जिंदा?
घटना को और रहस्यमय बनाती है कमरे के अंदर मिली वह इबारत, जो दीवार की अलमारी और बेड के बॉक्स पर लिखी मिली। उसमें दर्ज था कि आशा ने अपनी बहन उषा और उनके पति दिनेश के साथ मिलकर उनके पति बीर सिंह राणा को मारा था। बीर सिंह की मौत करीब 11 साल पहले हो चुकी है। वह भी पहले विदेश में रहते थे। उनके इकलौते बेटे योगी के बारे में जानकारी है कि वह कई वर्ष पहले इंग्लैंड गया, बाद में ओमान में होने की बात सामने आई — लेकिन अभी वह कहां है, यह पुलिस के लिए भी अस्पष्ट है।
पुलिस अब इन लिखित आरोपों को गंभीरता से ले रही है और पारिवारिक संपत्ति विवाद के साथ-साथ बीर सिंह की मौत के पुराने मामले की भी पड़ताल करेगी। महाबीर राणा गांव में कृषि भूमि के मालिक थे और प्रॉपर्टी डीलर का काम भी करते थे — जिससे संपत्ति को लेकर विवाद की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सूचना मिलने पर सेक्टर-27 थाना पुलिस, फॉरेंसिक टीम और क्राइम सीन यूनिट मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए। डीसीपी सोनीपत कुशल पाल सिंह ने बताया कि महिला आशा के मायके वाले उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहते हैं और उनके आने के बाद बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों शवों का पोस्टमार्टम बुधवार को कराया जाएगा।