Budget 2026-27: 2.23 लाख करोड़ का महाबजट पेश; शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के लिए खुला खजाना, देखें पूरी लिस्ट।
| विभाग (Department) | आवंटन 2026-27 (₹ करोड़ में) | पिछले वर्ष से वृद्धि |
| समाज कल्याण | ₹17,250.72 | 15.74% |
| स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण | ₹14,007.29 | 21.73% |
| मौलिक शिक्षा | ₹10,855.48 | 9.79% |
| पंचायती राज व ग्रामीण विकास | ₹8,703.75 | 22.88% |
| गृह विभाग | ₹8,475.01 | 7.21% |
कृषि, सिंचाई और ग्रामीण विकास पर जोर
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का बजट 4.40% बढ़ाकर ₹4,609.88 करोड़ कर दिया गया है। वहीं, पशुपालन एवं डेयरी विभाग को 23.31% की वृद्धि के साथ ₹2,290.57 करोड़ और सिंचाई क्षेत्र को ₹6,446.57 करोड़ आवंटित किए गए हैं। सहकारिता क्षेत्र के बजट में भारी 70.36% का उछाल देते हुए इसे ₹1,970 करोड़ किया गया है।
मानव विकास: शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए खुला खजाना
राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बजट को 21.73% बढ़ाकर ₹14,007.29 करोड़ कर दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी घोषणाएं हुई हैं। मौलिक शिक्षा को ₹10,855.48 करोड़, सेकेंडरी शिक्षा को ₹7,862.41 करोड़ और उच्चतर शिक्षा को ₹4,197.38 करोड़ का आवंटन किया गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर: लोक निर्माण, आवास और ऊर्जा
- लोक निर्माण (B&R): ₹5,893.66 करोड़ (22% वृद्धि)
- सभी के लिए आवास: ₹2,424.39 करोड़ (31.74% वृद्धि)
- शहरी स्थानीय निकाय: ₹6,240.97 करोड़ (23.01% वृद्धि)
- ऊर्जा विभाग: ₹6,868 करोड़ (7.66% वृद्धि)
इन विभागों के बजट में हुआ रिकॉर्ड उछाल
इस बजट की सबसे खास बात यह रही कि कुछ विभागों के आवंटन में भारी प्रतिशत वृद्धि की गई है। नागरिक संसाधन सूचना विभाग का बजट 220.04% बढ़ाकर ₹422.78 करोड़ कर दिया गया है। इसी तरह पर्यटन एवं विरासत को 105.46% की वृद्धि के साथ ₹380.80 करोड़ और नागरिक उड्डयन को 86.91% की वृद्धि के साथ ₹573.34 करोड़ दिए गए हैं।
सरकार ने कर प्रशासन को सुदृढ़ करने के लिए आबकारी एवं कराधान विभाग के लिए ₹77,950 करोड़ का राजस्व लक्ष्य भी निर्धारित किया है। यह बजट स्पष्ट रूप से राज्य के सर्वांगीण विकास और हर वर्ग के उत्थान का खाका पेश करता है।