सिरसा में सीईटी परीक्षा की कड़ी निगरानी: कोलकाता की टीम लगाएगी CCTV, शिक्षकों का वेरिफिकेशन अनिवार्य.

शिक्षकों की ड्यूटी से पहले वेरिफिकेशन जरूरी
 
CCTV से निगरानी का पुख्ता इंतजाम

आगामी परीक्षाओं को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त निगरानी और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस बार सिरसा के सभी परीक्षा केंद्रों पर कोलकाता से आई एक विशेष तकनीकी टीम CCTV कैमरे स्थापित करेगी।

साथ ही, शिक्षकों की ड्यूटी लगाने से पहले उनका वेरिफिकेशन किया जाएगा। परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए प्राइवेट बसों की संख्या भी बढ़ा दी गई है, जिससे उन्हें समय पर और सुरक्षित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जा सके।

CCTV से निगरानी का पुख्ता इंतजाम

परीक्षा में नकल रोकने और किसी भी तरह की अनियमितता को खत्म करने के उद्देश्य से, जिला प्रशासन ने हर परीक्षा केंद्र पर हाई-क्वालिटी CCTV कैमरे लगवाने का निर्णय लिया है। यह कार्य कोलकाता की एक विशेषज्ञ कंपनी को सौंपा गया है, जो इससे पहले कई राज्यों में सफलतापूर्वक परीक्षा निगरानी सिस्टम लगा चुकी है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हर कक्षा में दो से तीन कैमरे लगाए जाएंगे जो परीक्षा की पूरी प्रक्रिया को लाइव मॉनिटरिंग कक्ष तक पहुंचाएंगे। इससे जिले के कंट्रोल रूम से हर सेंटर पर निगाह रखी जा सकेगी।

शिक्षकों की ड्यूटी से पहले वेरिफिकेशन जरूरी

इस बार ड्यूटी लगाने से पहले सभी शिक्षकों की पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी शिक्षक, जिन पर पूर्व में किसी प्रकार की परीक्षा संबंधी शिकायत रही है, उन्हें ड्यूटी पर नहीं लगाया जाएगा। वेरिफिकेशन में उनकी सर्विस रिकॉर्ड, आचरण और परीक्षा अनुभव को ध्यान में रखा जाएगा।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “इस प्रक्रिया से केवल योग्य, ईमानदार और निष्पक्ष शिक्षकों को ही परीक्षा ड्यूटी सौंपी जाएगी। इससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और छात्र-छात्राओं को निष्पक्ष माहौल मिलेगा।

विद्यार्थियों की सुविधा के लिए बढ़ाई गईं प्राइवेट बसें

सिरसा जिले के दूरदराज के गांवों से परीक्षा केंद्रों तक आने वाले छात्रों को ध्यान में रखते हुए, रोडवेज के साथ-साथ प्राइवेट बसों की संख्या भी बढ़ाई गई है। शिक्षा विभाग ने स्थानीय ट्रांसपोर्ट यूनियनों के सहयोग से विशेष परीक्षा रूट बसें तैयार की हैं, जो सुबह निर्धारित समय पर छात्रों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाएंगी और वापस लाएंगी।

बड़ागुढ़ा, ऐलनाबाद, डबवाली, रानियां आदि क्षेत्रों से चलने वाली विशेष बसों की लिस्ट संबंधित स्कूलों और पंचायतों को भेजी जा चुकी है। जिला परिवहन अधिकारी ने कहा कि बसों की संख्या इस बार पिछली परीक्षाओं की तुलना में 30% ज्यादा रखी गई है।

प्रशासन पूरी तरह सतर्क

डीसी सिरसा ने बताया कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगरानी, परिवहन और परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका पहले ही तैयार कर लिया गया है। सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की ड्यूटी के साथ-साथ फ्लाइंग स्क्वायड की टीमों की तैनाती भी की जाएगी।

सिरसा में परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने की दिशा में प्रशासन ने बहुआयामी कदम उठाए हैं। कोलकाता की तकनीकी टीम से CCTV निगरानी, शिक्षक वेरिफिकेशन और परिवहन व्यवस्था जैसी तैयारियां यह सुनिश्चित करती हैं कि छात्रों को परीक्षा में बेहतर माहौल मिले।