हरियाणा के सुदकैन कलां गांव से UPSC तक — स्वाति श्योकंद की वो कहानी जो हर बेटी को पढ़नी चाहिए
जींद जिले के सुदकैन कलां गांव की बेटी स्वाति ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में 366वीं रैंक हासिल कर पूरे बांगर क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। UPSC CSE 2025 का अंतिम परिणाम 6 मार्च 2026 को घोषित हुआ। सेवानिवृत्त संस्कृत अध्यापक दिलबाग श्योकंद की बेटी स्वाति अपने परिवार के साथ नरवाना में रहती हैं। जैसे ही नतीजे आए, गांव और नरवाना दोनों जगह जश्न का माहौल हो गया — ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों से स्वाति का जोरदार स्वागत किया।
गांव के स्कूल से UPSC तक — स्वाति की मेहनत की कहानी
स्वाति ने अपनी शुरुआती पढ़ाई नरवाना के सनातन धर्म पब्लिक स्कूल से की। जब वह UPSC में सफल होकर लौटीं, तो उनके पुराने स्कूल ने भी उनका और उनके माता-पिता का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें सम्मानित किया। हांसी एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने कहा कि बेटी की यह सफलता इस बात का सबूत है कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती — कोई पहले प्रयास में सफल होता है, कोई दूसरे में, लेकिन लगन रखने वालों को मंजिल जरूर मिलती है।
उचाना एसडीएम दलजीत सिंह ने कहा कि स्वाति ने सिर्फ अपने परिवार का नहीं, पूरे जींद जिले का नाम रोशन किया है। उचाना सेवा ग्रुप के संचालक रामप्रसाद ने बताया कि स्वाति श्योकंद बांगर क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी और यह साबित करती हैं कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं हैं।
'बेटी गौरव पुरस्कार' से हुआ सम्मान, हर तरफ से मिली बधाइयां
उचाना सेवा ग्रुप ने स्वाति आर्या को 'बेटी गौरव पुरस्कार' से सम्मानित किया। यह समारोह उनके नरवाना निवास पर हांसी एसडीएम डॉ. राजेश खोथ और उचाना एसडीएम दलजीत सिंह की अगुवाई में संपन्न हुआ।
उचाना सेवा ग्रुप वह संगठन है जो उचाना में एसडीएम रहे अधिकारियों की अगुवाई में बना था और लगातार जिले की होनहार प्रतिभाओं को पहचान देता आ रहा है।
स्वाति की यह सफलता उस पूरे इलाके के लिए संदेश है जहां लड़कियों की पढ़ाई को अक्सर दूसरे दर्जे की माना जाता रहा है। एक सेवानिवृत्त शिक्षक के घर की बेटी का देश की सबसे कठिन परीक्षा पास करना — यह सिर्फ एक परिवार की जीत नहीं, पूरे बांगर क्षेत्र की जीत है।