सेमनाले का जलस्तर बढ़ा, गाँव दड़बा कलां के पास हुआ रिसाव, सेमनाले के तटबंध मजबूत करने में महिलाएं भी जुटी
शक्कर मंदोरी, शाहपुरिया, तरकांवाली,दड़बा कलां के खेतों में पानी भरने का खतरा बरकरार
चोपटा। चोपटा क्षेत्र से गुजरने वाले हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन सेमनाले में चोपटा और दड़बा कलां के बीच सिरसा भादरा रोड के पास अचानक पानी का रिसाव शुरू हो गया. लेकिन तटबंध में आई दरार को भरने के लिए प्रशासन के साथ ग्रामीणों व मनरेगा मजदूरों की मदद से दरार को बांधा गया।
लेकिन लगातार पानी के बढ़ते दबाव से तरका वाली, शाहपुरिया व शक्कर मंदोरी गांवों में सेमनाले के तटबंध टूटने का खतरा अभी भी बना हुआ है। इसके साथ ही प्रशासन के साथ साथ मनरेगा मजदूर तथा ग्रामीण पुरुष व महिलाये भी अपने स्तर पर सेमनाले के तटबंध मजबूत करने में जूटे हुए हैं. ग्रामीण किसी भी सूरत में सेमनाले को टूटने नही देना चाहते.
हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन सेमनाला गांव दड़बा कलां व चौपटा के बीच सेमनाला में लीकेज हो गई। हालांकि इसे मजदूरों की सहायता से लीकेज को रोक दिया गया। मगर अब भी सेमनाला के टूटने का खतरा बना हुआ है। क्योंकि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
ढाणियों में रहने वालों को चिंता
दड़बा कलां की ढाणी में रहने वाले श्रवण कुमार जाखड़, महेंद्र सिंह, जगदीश खैलरी, कृष्ण कुमार ने बताया की सेम नाले में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। इससे रात दिन इसके टूटने का खतरा रहा है। इन्होने बताया की बारिश होने के कारण हिसार की तरफ से पानी का बहाव भी बढ़ रहा है, अगर समय पर सफाई होती तो इसके टूटने का खतरा नहीं रहता।
जगह जगह कचरा भी पानी में अवरोधक बन रहा है. ग्रामीण पानी का बहाव जरी रखने के लिए अपने स्तर पर कचरा निकालने में लगे हुए है।
जलस्तर और बढ़ा तो हो सकता है खतरा
सेमनाल में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे दड़बा कलां, रूपाना खुर्द, मानक दिवान, नाथूसरी कलां, शाहपुरिया, शक्कर मंदोरी, नहराना, तरकावाली, माखोसरानी, लुदेसर, रुपाणा, ढुकड़ा, बकरियां वाली, गुड़िया खेड़ा, रुपावास, रायपुर, निर्बाण सहित कई गांवों में नुकसान हो सकता है।
4 वर्ष पहले टूट गया था सेमनाला
गांव दड़बाकलां के पास हिसार घग्गर ड्रेन यानी सेमनाला टूटा गया था । गांव गुड़ियाखेड़ा और बकरियांवाली के पास सेमनाला ओवरफ्लो होकर टूट गया था । गांव शक्कर मंदोरी के पास शाहपुरिया और के बीच में सेम नाले में करीब 20 फुट चौड़ी दरार आ गई थी जिससे वहां पर सैंकड़ों एकड़ में खड़ी ग्वार, बाजरे, नरमे, कपास की फसल जलमग्न हो गई थी।
सेम नाला के आसपास के करीब 20 गांवो में ग्रामीणों को काफी नुकसान हुआ है। बारिश से करीब 35000 एकड़ जमीन में खड़ी सावनी की फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गईथी, कई गाँवो की गलियों में पानी भरने से लोगों के घरों में पानी घुस गया था । सिरसा भादरा रोड पर नाथूसरी चौपटा और दड़बा कला के बीच चौधरी देवीलाल पॉलिटेक्निकल के पास सेम नाला टूटने से सिरसा भादरा रोड को बंद करना पड़ा था