हरियाणा वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड पदों पर जल्द भर्ती, 12वीं पास शुरू कर दें तैयारी। Haryana Forest Guard Vacancy 2026

 

Haryana Forest Guard Vacancy 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 18 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य में हरित आवरण बढ़ाने के लिए कई अहम निर्देश दिए। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधारोपण केवल संख्या तक सीमित न रहे, बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे का संरक्षण और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए हर पौधे की जियो-टैगिंग, डिजिटल मॉनिटरिंग और रखरखाव की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए गए। आगामी वन महोत्सव की तैयारियों की भी विस्तृत समीक्षा की गई।

वन विभाग की समीक्षा बैठक कब और कहां हुई?

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार 18 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ में वन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में वन संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और आगामी वन महोत्सव की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में वन, पर्यावरण एवं वन्य जीव विभाग के अपर मुख्य सचिव सुधीर राजपाल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के विदेश सहयोग विभाग के सलाहकार पवन चौधरी, मुख्यमंत्री के ओएसडी बी.बी. भारती, वीरेंद्र सिंह बड़खालसा तथा वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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CM सैनी ने पौधारोपण को लेकर क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि पौधारोपण का मकसद केवल पौधे लगाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि हर पौधा बचे और पेड़ बने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंचायतों, शहरी स्थानीय निकायों, नगर निगमों, नगर परिषदों तथा अन्य सरकारी परिसरों में पौधारोपण के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान कर व्यापक स्तर पर पौधे लगाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन सरकारी कार्यालयों और संस्थानों में पौधारोपण किया जाए, वहां उसके संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय की जाए। हर प्लांटेशन साइट पर रखरखाव और नियमित निगरानी की स्पष्ट जिम्मेदारी होनी चाहिए।

हर पौधे की जियो-टैगिंग क्यों जरूरी?

मुख्यमंत्री ने सभी लगाए गए पौधों और पेड़ों की जियो-टैगिंग करने के निर्देश दिए। इसका मतलब है कि हर पौधे का भौगोलिक स्थान (जीपीएस कोऑर्डिनेट) डिजिटल रूप में दर्ज किया जाएगा, जिससे उसकी नियमित निगरानी की जा सकेगी।

जियो-टैगिंग से पौधों की ग्रोथ, सर्वाइवल रेट और देखभाल की पूरी जानकारी डिजिटल डेटाबेस में उपलब्ध रहेगी। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस क्षेत्र में पौधे अच्छे से बढ़ रहे हैं और कहां अतिरिक्त देखभाल की जरूरत है। पौधारोपण पोर्टल और आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए पौधारोपण एवं उसके संरक्षण की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी।

अवैध कटान पर क्या कार्रवाई होगी?

मुख्यमंत्री ने अवैध कटान पर पूरी तरह रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खैर, साल और शीशम जैसी महत्वपूर्ण प्रजातियों के पेड़ों की जियो-फेंसिंग एवं नंबरिंग कर उनका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाए।

जियो-फेंसिंग यानी पेड़ों के आसपास डिजिटल सीमा रेखा (जियो-फेंस) बनाई जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की अवैध कटाई या अतिक्रमण की तुरंत पहचान हो सके। जंगलों के आसपास चेक पोस्टों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा फॉरेस्ट गार्ड नियमित रूप से जंगलों और पौधों का निरीक्षण करेंगे।

वन विभाग में कब होगी भर्ती?

मुख्यमंत्री ने वन विभाग में रिक्त फॉरेस्ट गार्ड पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इससे पहले हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने फॉरेस्ट गार्ड भर्ती 2026 के तहत कुल 779 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए थे।

इन 779 पदों में सामान्य श्रेणी के लिए 318 पद, ईडब्ल्यूएस के लिए 123 पद, बीसीए के लिए 102 पद तथा एससी/डीएससी श्रेणी के लिए पद निर्धारित किए गए हैं। 12वीं पास उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्र हैं।

अग्निवीरों को कितना आरक्षण मिलेगा?

मुख्यमंत्री ने निर्धारित प्रावधानों के अनुसार 20 प्रतिशत पद अग्निवीरों से भरने के निर्देश दिए। हरियाणा सरकार ने पहले ही अग्निवीरों के लिए फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन और माइनिंग गार्ड जैसे पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया है।

यह पहल अग्निवीरों को सेना के बाद सरकारी नौकरियों में सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। हरियाणा इस मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।

वनाग्नि (जंगल की आग) की रोकथाम के क्या हैं इंतजाम?

मुख्यमंत्री ने जंगलों में आग की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए वनाग्नि की रोकथाम के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जंगल में आग लगाने वालों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

वन विभाग को जंगलों में आग की घटनाओं पर नजर रखने और समय रहते आग बुझाने की व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के मौसम में अक्सर जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं, जिनसे वन्य जीवन और हरित आवरण को भारी नुकसान होता है।

जल संरक्षण को वन संरक्षण से कैसे जोड़ा गया?

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण को वन संरक्षण का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डैमों की क्षमता बढ़ाई जाए, जल संचयन को सुदृढ़ किया जाए तथा वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के पुनर्जीवन एवं पुनर्स्थापना पर विशेष ध्यान दिया जाए।

साथ ही, जहां संभव हो, उपचारित (ट्रीटेड) जल का उपयोग पौधों के संरक्षण में किया जाए। इससे न सिर्फ पानी की बचत होगी बल्कि पौधों को नियमित पानी मिलना भी सुनिश्चित होगा।

वन महोत्सव 2026 को जनभागीदारी से कैसे जोड़ा जाएगा?

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी वन महोत्सव को व्यापक जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए। इसके लिए सभी विभागों, शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, पंचायतों तथा सामाजिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पौधारोपण करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रोत्साहित किया जाएगा तथा उन्हें आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

हरियाणा सरकार का इस साल 2.10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है, जिसमें प्रधानमंत्री के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 2.10 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जबकि CAMPA योजना के तहत अतिरिक्त 20 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा राज्य सरकार ने जलवायु संरक्षण के लिए 100 करोड़ रुपये का ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड भी स्थापित किया है।

वन मित्र योजना क्या है?

हरियाणा सरकार वन मित्र योजना के तहत 50,000 'वन मित्र' नियुक्त करेगी। ये वन मित्र पौधों की देखभाल के लिए मानदेय प्राप्त करेंगे।

वन मित्र योजना के तहत प्रति पौधा 20 रुपये (गड्ढा खोदने, पौधा लगाने और उसके संरक्षण के लिए) दिए जाएंगे। इस योजना का मकसद आम नागरिकों को वन संरक्षण से जोड़ना और पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर तय करना है।

हरियाणा में हरित आवरण की वर्तमान स्थिति क्या है?

हरियाणा वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार राज्य में केवल 7.16 प्रतिशत क्षेत्र वन एवं वृक्ष आवरण के अधीन है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से काफी कम है, जिसके कारण राज्य सरकार हरित आवरण बढ़ाने पर विशेष जोर दे रही है।

विभाग का इस वर्ष 3 करोड़ पौध लगाने का लक्ष्य है, जो वन भूमि, पंचायत भूमि और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनभागीदारी, आधुनिक तकनीक और प्रभावी निगरानी के माध्यम से हरियाणा में हरित आवरण बढ़ाने के लक्ष्य को और अधिक गति मिलेगी।