हरियाणा में HKRN और कच्चे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 58 साल तक पक्की होगी नौकरी
बड़ी खबर: हरियाणा में सवा लाख कच्चे और HKRN कर्मचारियों की नौकरी 58 साल की उम्र तक सुरक्षित।
सख्त अल्टीमेटम: मुख्य सचिव ने सभी विभागों को 15 अगस्त 2026 तक पेंडिंग फाइलें पास करने का आदेश दिया।
अतिरिक्त फायदे: नौकरी के साथ-साथ चिरायु कार्ड, ग्रेच्युटी और मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) का भी मिलेगा लाभ।
हरियाणा के विभिन्न सरकारी विभागों में काम कर रहे कच्चे कर्मचारियों और HKRN (Haryana Kaushal Rozgar Nigam) के तहत लगे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने आपकी नौकरी को 58 वर्ष की उम्र तक सुरक्षित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिन अधिकारियों (HOD) के पास कर्मचारियों के आवेदन अटके हुए थे, उन्हें अब 15 अगस्त 2026 तक हर हाल में वेरिफिकेशन पूरा करने का सख्त आदेश दिया गया है। आइए जानते हैं कि इस नियम का फायदा किन कर्मचारियों को मिलेगा और आपको कौन-सी नई सुविधाएं मिलने वाली हैं।
किन कर्मचारियों को मिलेगा 58 साल की सर्विस का फायदा? (Eligibility)
हरियाणा कांट्रेक्चुअल एंप्लाइज (सिक्योरिटी आफ सर्विस) एक्ट, 2024 के तहत केवल उन्हीं कर्मचारियों को इस पॉलिसी का लाभ मिलेगा जो ये शर्तें पूरी करते हैं:
- 5 साल की सर्विस: कर्मचारी ने किसी भी सरकारी विभाग, बोर्ड या निगम में कम से कम 5 वर्ष की नियमित सेवा पूरी कर ली हो।
- कार्यरत होना जरूरी: निर्धारित कट-ऑफ डेट पर कर्मचारी नौकरी पर होना चाहिए।
- सैलरी लिमिट: कर्मचारी का मासिक वेतन सरकार द्वारा तय की गई सीमा के भीतर होना चाहिए।
- (चाहे आप आउटसोर्सिंग पर हों या HKRN के माध्यम से, आप इसके पात्र माने जाएंगे।)
सैलरी के अलावा मिलेंगी ये 5 बड़ी सरकारी सुविधाएं
बड़ी बात यह है कि 58 साल तक नौकरी सुरक्षित होने के साथ-साथ कर्मचारियों को अब पक्के कर्मचारियों की तर्ज पर कई लाभ मिलेंगे।
- समान वेतन: एंट्री-लेवल के पक्के कर्मचारियों के बेसिक पे के बराबर वेतन।
- इंक्रीमेंट: आपकी सर्विस अवधि (अनुभव) के आधार पर सैलरी में बढ़ोतरी।
- फ्री इलाज: 'चिरायु योजना' के तहत परिवार को मुफ्त स्वास्थ्य सुविधा।
- ग्रेच्युटी और छुट्टियां: ग्रेच्युटी का लाभ और महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश (Maternity Benefit)।
- अनुकंपा सहायता (Compassionate Aid): किसी अनहोनी पर परिवार को आर्थिक सुरक्षा।
फाइलें पेंडिंग क्यों थीं और अब विभागों को क्या निर्देश हैं?
मई 2026 में हुई मानव संसाधन विभाग की समीक्षा में सामने आया था कि राज्य भर में (विशेषकर जिला स्तर पर) विभागों के विभागाध्यक्षों (HODs) ने कर्मचारियों की फाइलों को बेवजह रोक रखा था। सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए 15 अगस्त 2026 की फाइनल डेडलाइन तय की है। पोर्टल पर आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए अधिकारियों को HKCL (Haryana Knowledge Corporation Limited) से संपर्क करने को कहा गया है, ताकि किसी भी कर्मचारी का हक न मारा जाए।
कर्मचारियों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
- क्या मुझे अपनी फाइल का स्टेटस खुद चेक करना होगा?
- जवाब: आपके विभाग के डीडीओ (DDO) और HOD यह प्रक्रिया पोर्टल पर पूरी करेंगे। आप अपने कार्यालय में क्लर्क या संबंधित अधिकारी से संपर्क करके अपनी फाइल का स्टेटस जान सकते हैं।
- अगर 15 अगस्त तक फाइल पास नहीं हुई तो क्या होगा?
- जवाब: सरकार ने स्पष्ट किया है कि बेवजह फाइल रोकने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। तय समय में ही निर्णय लेना अनिवार्य है।