हरियाणा में आईटीआई करने वाले छात्रों को मिलेगा कोर्स पूरा होते ही मिलेगी नौकरी, अब कंपनियों में जरूरत के अनुसार ही होगी पढाई

 

चंडीगढ़। हरियाणा के युवाओं और डिलीवरी बॉय जैसे काम करने वाले हजारों 'गिग वर्कर्स' के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अगर आप भी रोजगार की तलाश में हैं या विदेश जाकर पैसा कमाना चाहते हैं, तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसके लिए नई कार्ययोजना तैयार कर ली है। अब हरियाणा की सभी आईटीआई (ITI) में पुरानी किताबों और घिसे-पिटे तरीकों से पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि वही सिखाया जाएगा जिसकी आज कंपनियों में सीधी डिमांड है। 

इसके साथ ही कनाडा में 80 हजार ट्रक ड्राइवरों की भारी मांग को देखते हुए हरियाणा सरकार खुद युवाओं को ट्रेनिंग देकर विदेश भेजेगी। वहीं, जोमैटो-स्विगी, ओला-उबर और अमेजन जैसे प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले गिग वर्कर्स को भी अब पक्की सरकारी सुविधाओं का फायदा मिलेगा।

सचिवालय में 'हरियाणा विजन 2047' की मीटिंग में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कोर्स पूरा करने के बाद युवाओं को रोजगार के लिए धक्के न खाने पड़ें, इसके लिए सिलेबस कंपनियों की जरूरत के हिसाब से तुरंत बदला जाए। सरकार ने युवाओं को विदेश में पक्की नौकरी दिलाने के लिए प्रदेश के चार जिलों में स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर खोलने का फैसला किया है। इनमें से करनाल और पंचकूला में जमीन पक्की कर ली गई है, जबकि बाकी दो जिलों की तलाश जारी है।

इन सेंटर्स पर युवाओं को विदेशी कंपनियों की जरूरत के हिसाब से तैयार किया जाएगा। विदेश सहयोग विभाग के जरिए युवाओं को रोजगार मिलेगा। कनाडा में ट्रक ड्राइवरों की बड़ी जरूरत को पूरा करने के लिए सरकार ट्रक बनाने वाली दिग्गज कंपनी 'अशोक लेलैंड' से बातचीत कर रही है। सरकार का प्लान है कि युवाओं को हैवी ड्राइविंग की पक्की और वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग दिलाकर सीधे विदेश में सेटल किया जाए।

आईटीआई में पढ़ने वाले बच्चों के लिए भी अच्छी खबर है। प्रदेश की आईटीआई की वर्कशॉप अब हाई-टेक होंगी। पहले चरण में जिन आईटीआई का सर्वे पूरा हो चुका है, उनके लिए 10 करोड़ रुपये की नई और आधुनिक मशीनें खरीदने के ऑर्डर भी दे दिए गए हैं। अब सरकार सीधे बड़ी कंपनियों के साथ समझौते (MOU) करेगी ताकि बच्चों की ट्रेनिंग पूरी होते ही उन्हें सीधा रोजगार मिल सके। 

आईटीआई के टीचरों को भी नई तकनीक सिखाने के लिए कुरुक्षेत्र में एक बड़ा स्टेट लेवल इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग सेंटर बनाया जा रहा है। जब तक यह सेंटर बनकर तैयार होगा, तब तक इसी साल से श्री विश्वकर्मा कौशल यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर टीचरों की ट्रेनिंग शुरू कर दी जाएगी।

इन सब के अलावा सरकार ने उन लोगों की भी सुध ली है जो असंगठित क्षेत्र में दिन-रात काम करते हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाकर सभी गिग वर्कर्स का तुरंत रजिस्ट्रेशन किया जाए। श्रम विभाग के पास अब तक 21,777 ऐसे वर्कर अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। 

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सरकार इनके लिए 30 से ज्यादा योजनाएं चला रही है जिनका सीधा लाभ इन्हें दिया जाएगा। इसके अलावा नौकरीपेशा महिलाओं की सहूलियत के लिए हर जिले में 'वर्किंग वुमन हॉस्टल' (कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल) बनाए जाएंगे और उनके छोटे बच्चों को दिन में सुरक्षित रखने के लिए 'क्रैच' भी खोले जाएंगे। ग्रीन जॉब्स (पर्यावरण से जुड़े रोजगार) में भी महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाई जाएगी।

गिग वर्कर्स अपना रजिस्ट्रेशन कैसे करें (पूरी प्रक्रिया):

  1. सबसे पहले अपने फोन या कंप्यूटर से हरियाणा श्रम विभाग (Haryana Labour Welfare Board) की आधिकारिक वेबसाइट या केंद्र सरकार के ई-श्रम (e-Shram) पोर्टल पर जाएं।
  2. होमपेज पर 'गिग वर्कर रजिस्ट्रेशन' या 'ई-श्रम कार्ड अप्लाई' के लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपना आधार कार्ड नंबर, मोबाइल नंबर (जो आधार से लिंक हो) और बैंक खाते की जानकारी दर्ज करें।
  4. फॉर्म में अपने काम का प्रकार (जैसे- फूड डिलीवरी, कैब ड्राइवर, कूरियर आदि) ध्यान से चुनें।
  5. मोबाइल पर आया ओटीपी (OTP) डालकर फॉर्म सबमिट करें। रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपका कार्ड जनरेट हो जाएगा, जिससे आप सामाजिक सुरक्षा और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ ले सकेंगे।