राजस्थान ACB की बड़ी कार्रवाई: सिरोही RTO इंस्पेक्टर के 6 ठिकानों पर छापा, 201% से ज्यादा संपत्ति अर्जित करने का आरोप

 

सिरोही/जयपुर। राजस्थान की एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने शनिवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। जयपुर ACB टीम ने सिरोही जिले के परिवहन निरीक्षक (RTO इंस्पेक्टर) सुजानाराम चौधरी के 6 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई में खुलासा हुआ कि इंस्पेक्टर ने सरकारी सेवा के दौरान अपनी आय से 201 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है।

 

6 जगहों पर एक साथ ACB का एक्शन

ACB की एक दर्जन से ज्यादा टीमें सुबह से ही सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। यह रेड राजस्थान के सिरोही, माउंट आबू, जोधपुर, जालोर और भीनमाल जैसे स्थानों पर की जा रही है। छापेमारी में अब तक 15 से ज्यादा प्रॉपर्टी, 7 बैंक खातों में करोड़ों का लेन-देन और कैश-बैलेंस के तौर पर 12 लाख रुपये बरामद हुए हैं।

 

2.5 करोड़ की संपत्तियां आई सामने

ACB अधिकारियों के मुताबिक, आरटीओ इंस्पेक्टर सुजानाराम चौधरी पुत्र रेखाराम चौधरी के खिलाफ लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। ACB मुख्यालय को मिली एक गोपनीय शिकायत के बाद जब मामले की जांच शुरू की गई तो सामने आया कि उन्होंने सेवा में रहते हुए आय से 201% अधिक संपत्ति जुटाई है। प्रारंभिक जांच में करीब 2.5 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ है।

किन-किन ठिकानों पर चल रही है सर्चिंग?

ACB टीम निम्नलिखित स्थानों पर रेड और सर्च ऑपरेशन कर रही है:

जालोर (भीनमाल): गांव कुशालपुरा स्थित घर

जोधपुर: आशापूर्णा सिटी और चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित मकान

जोधपुर: सेक्टर-4, शास्त्री नगर की एक दुकान

सिरोही: अड्डा लकड़ा योजना, माउंट आबू स्थित मकान

सिरोही: जिला परिवहन कार्यालय

अन्य अज्ञात ठिकाने जो आगे जांच में सामने आ सकते हैं

कई बैंक खातों में करोड़ों का लेन-देन

रेड के दौरान ACB को 7 अलग-अलग बैंक खातों में करोड़ों रुपये का लेन-देन भी मिला है। इनमें से कई खातों में बड़ी रकम का मूवमेंट हाल के महीनों में हुआ है, जिससे संदेह और बढ़ गया है। कुछ खातों में संदिग्ध लेन-देन की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

क्या बोले ACB अधिकारी?

ACB टीम के मुताबिक, "यह कार्रवाई अभी प्रारंभिक स्तर पर है। दस्तावेज़ों की जांच, बैंक खातों की फॉरेंसिक स्क्रूटनी और ज़मीन-प्रॉपर्टी की वैधता की पड़ताल की जा रही है। अगर जरूरत पड़ी तो गिरफ्तारी भी की जा सकती है।"

निष्कर्ष:

यह मामला राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ा कदम है। RTO विभाग में व्याप्त गड़बड़ियों को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं और अब यह रेड कार्रवाई ACB की सजगता का संकेत है। आगे की जांच में और भी खुलासे संभव हैं।