टीवी पर मनु भाकर को देखकर देखा शूटर बनने का सपना, 14साल की आयुषी ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में जीता गोल्ड मेडल

 

चोपटा प्लस, हिसार, 7 नवंबर। कहते हैं कि सपने देखने की कोई उम्र नहीं होती, लेकिन उन्हें सच करने के लिए मेहनत और लगन जरूरी होती है। हरियाणा के हिसार जिले के गांव रावलवास खुर्द की 14 वर्षीय आयुषी ने अपनी मेहनत से इस बात को साबित कर दिखाया है। कभी टीवी पर ओलंपियन मनु भाकर को निशानेबाजी करते देखकर शूटर बनने का सपना देखने वाली आयुषी ने अब राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित 35वीं ऑल इंडिया जीवी मावलंकर शूटिंग चैंपियनशिप में आयुषी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल के सब-यूथ विमेन व्यक्तिगत वर्ग में 375.8 अंक हासिल कर यह उपलब्धि प्राप्त की। महज 14 साल की उम्र में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में मिली इस सफलता से उनके परिवार, गांव और पूरे हिसार जिले में खुशी का माहौल है।

मनु भाकर को देखकर शूटिंग में जाने का बनाया था मन

आयुषी की निशानेबाजी की शुरुआत भी काफी दिलचस्प रही। करीब चार साल पहले उन्होंने टीवी पर ओलंपियन मनु भाकर को शूटिंग करते हुए देखा था। मनु भाकर का खेल और उनका प्रदर्शन आयुषी को इतना पसंद आया कि उन्होंने भी निशानेबाज बनने का सपना देख लिया।

इसके बाद उन्होंने शूटिंग सीखनी शुरू कर दी। शुरुआत में खेल की बारीकियां समझीं और धीरे-धीरे अभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लिया। कोच संजय मलिक के मार्गदर्शन में आयुषी ने लगातार मेहनत की। करीब चार साल तक नियमित अभ्यास, अनुशासन और धैर्य के साथ आगे बढ़ते हुए उन्होंने आखिरकार राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर अपने सपने को नई उड़ान दे दी।

खेल महाकुंभ में भी जीत चुकी हैं रजत पदक

आयुषी के लिए राष्ट्रीय चैंपियनशिप का गोल्ड मेडल पहली बड़ी उपलब्धि नहीं है। इससे पहले भी वह कई प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं।

पिछले महीने आयोजित खेल महाकुंभ में आयुषी ने सिल्वर मेडल हासिल किया था। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में हुई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में उन्होंने पांचवां स्थान प्राप्त किया। इसी साल आयोजित स्कूटी गेम्स में भी वह चौथे स्थान पर रही थीं। लगातार प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना बताता है कि आयुषी निशानेबाजी में आगे बढ़ने के लिए कितनी गंभीरता से मेहनत कर रही हैं।

किसान की बेटी हैं आयुषी, नौवीं कक्षा में करती हैं पढ़ाई

गांव रावलवास खुर्द निवासी आयुषी किसान विनोद मोनू सिहाग की बेटी हैं। वह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौवीं कक्षा की छात्रा हैं। परिवार में उनका एक छोटा भाई भी है, जो क्रिकेट खेलता है। आयुषी पढ़ाई के साथ-साथ शूटिंग के अभ्यास के लिए भी नियमित समय निकालती हैं। परिवार का सहयोग और कोच का मार्गदर्शन उनकी इस सफलता में अहम रहा है।

गांव में खुशी का माहौल, जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई

आयुषी की इस उपलब्धि पर विधायक चंद्र प्रकाश, गांव के सरपंच राजेश झाझड़िया सहित अनेक ग्रामीणों और खेल प्रेमियों ने उन्हें तथा उनके परिवार को बधाई दी है। ग्रामीणों का कहना है कि आयुषी ने छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर गांव का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता से क्षेत्र के दूसरे बच्चों को भी खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा मिलेगी।

टीवी पर मनु भाकर को देखकर शुरू हुआ एक छोटा सा सपना आज राष्ट्रीय मंच पर गोल्ड मेडल तक पहुंच चुका है। आयुषी की यह उपलब्धि बताती है कि अगर लक्ष्य तय हो और मेहनत लगातार जारी रहे तो छोटी उम्र भी बड़ी कामयाबी के रास्ते में बाधा नहीं बनती।