नाथूसरी चोपटा के परमौद बिजारनिया ने जापान में गाड़े सफलता के झंडे, एशियन पैरा गेम्स में जीता सिल्वर मेडल
नाथूसरी चोपटा। हरियाणा के सिरसा जिले के नाथूसरी चोपटा क्षेत्र के गांव नहराणा के खिलाड़ी प्रमोद बिजारनिया ने अंतरराष्ट्रीय खेल मंच पर देश का नाम रोशन किया है। जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में प्रमोद ने पुरुषों की 1500 मीटर T46 दौड़ में रजत पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने यह दौड़ 4 मिनट 9.65 सेकंड में पूरी करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया। उनकी इस कामयाबी से गांव नहराणा सहित पूरे नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।
1500 मीटर दौड़ में 4:09.65 मिनट का समय निकाला
एशियन पैरा गेम्स 2026 में प्रमोद बिजारनिया ने पुरुषों की 1500 मीटर T46 स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 4 मिनट 9.65 सेकंड का समय निकालकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
इस स्पर्धा में श्रीलंका के खिलाड़ी ने 4 मिनट 3.25 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि फिलीपींस के खिलाड़ी ने 4 मिनट 13.81 सेकंड का समय निकालकर कांस्य पदक हासिल किया।
इस तरह प्रमोद ने कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच दूसरा स्थान हासिल कर भारत के लिए रजत पदक जीता।
जापान में आयोजित हो रही है प्रतियोगिता
एशियन पैरा गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची-नागोया क्षेत्र में किया जा रहा है। प्रमोद ने नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित पुरुषों की 1500 मीटर T46 स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक हासिल किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह का प्रदर्शन किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है। प्रमोद की सफलता ने एक बार फिर भारतीय पैरा खिलाड़ियों की प्रतिभा और क्षमता को सामने रखा है।
नहराणा गांव के लिए गर्व का पल
प्रमोद बिजारनिया सिरसा जिले के नाथूसरी चोपटा क्षेत्र के गांव नहराणा से संबंध रखते हैं। उनके अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने से गांव और आसपास के क्षेत्र के लोगों को गर्व करने का अवसर मिला है।
ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करना दूसरे युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। प्रमोद की इस उपलब्धि से क्षेत्र में खेलों के प्रति रुचि बढ़ने की उम्मीद है।
पैरा एथलीटों की मेहनत को मिला सम्मान
पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों को निर्धारित नियमों के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाता है। T46 ट्रैक स्पर्धाओं की एक श्रेणी है, जिसमें पात्र खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
ऐसी प्रतियोगिताओं में सफलता पाने के लिए नियमित अभ्यास, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति की जरूरत होती है। प्रमोद का रजत पदक उनके प्रदर्शन और मेहनत का शानदार उदाहरण है।
देश के साथ क्षेत्र का भी बढ़ाया मान
एशियन पैरा गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर प्रमोद बिजारनिया ने देश का गौरव बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि नाथूसरी चोपटा क्षेत्र और गांव नहराणा के लिए भी खास है।
अब खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि प्रमोद आगे भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन करेंगे और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए और पदक जीतेंगे।