नाथूसरी चौपटा, सिरसा के दयानंद स्कूल ने रचा इतिहास, CBSE नेशनल वॉलीबॉल में अंडर-14टीम बनी राष्ट्रीय चैंपियन

भारत, UAE और ओमान की 24क्वालीफाइड टीमों के बीच दयानंद स्कूल का दबदबा; पूल मैच से फाइनल तक एक भी मुकाबला नहीं हारी टीम, फाइनल में आंध्र प्रदेश के हील पब्लिक स्कूल  को 3-0से हराकर जीता स्वर्ण पदक

 

नाथूसरी चौपटा (सिरसा)। सिरसा जिले के नाथूसरी चौपटा स्थित दयानंद स्कूल के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय खेल जगत में इतिहास रचते हुए विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के सनवारा स्थित कसौली इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (KIPS) में 30 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक आयोजित CBSE नैशनल वालीबॉल चैंपियनशिप में विद्यालय की अंडर-14 बॉयज वॉलीबॉल टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

भारत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान से क्वालीफाई होकर पहुंची कुल 24 टीमों के बीच आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में दयानंद स्कूल की टीम का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा। टीम ने पूल मुकाबलों से लेकर फाइनल तक एक भी मैच नहीं गंवाया और अपने सभी मुकाबले जीतकर अपराजित रहते हुए राष्ट्रीय स्वर्ण पदक अपने नाम किया। अंतरराष्ट्रीय स्तर की टीमों की मौजूदगी में यह उपलब्धि विद्यालय के खिलाड़ियों की प्रतिभा, अनुशासन, मेहनत और मजबूत टीम भावना का प्रमाण है।

पूल मुकाबलों से फाइनल तक अपराजित रही टीम

दयानंद स्कूल की अंडर-14 टीम ने प्रतियोगिता की शुरुआत से ही अपनी श्रेष्ठता साबित की। पूल मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करते हुए टीम ने नॉकआउट चरण में प्रवेश किया। क्वार्टर फाइनल में UAE की वाइज इंडियन अकैडमी को पराजित कर टीम ने सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके बाद सेमीफाइनल में उत्तर प्रदेश की मजबूत कदम पब्लिक स्कूल की टीम को हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया।

खिताबी मुकाबले में दयानंद स्कूल का सामना आंध्र प्रदेश के हील पब्लिक स्कूल से हुआ। पांच सेटों के प्रारूप में खेले गए फाइनल मुकाबले में दयानंद स्कूल के खिलाड़ियों ने शुरू से ही शानदार तालमेल, आक्रामक खेल और बेहतरीन रणनीति का प्रदर्शन किया। टीम ने लगातार तीन सेट जीतकर मुकाबला 3-0 से अपने नाम कर लिया। पहले सेट में 25-15, दूसरे सेट में 25-21 और तीसरे सेट में 25-18 के स्कोर के साथ जीत दर्ज कर विद्यालय ने CBSE नैशनल वालीबॉल चैंपियनशिप का खिताब हासिल किया।

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पूरे टूर्नामेंट में एक भी हार का सामना किए बिना चैंपियन बनना इस सफलता को और भी विशेष बनाता है। इस जीत के साथ दयानंद स्कूल ने राष्ट्रीय स्तर पर सिरसा और हरियाणा का गौरव बढ़ाया है।

इन दस खिलाड़ियों ने दिलाया राष्ट्रीय स्वर्ण पदक

राष्ट्रीय चैंपियन दयानंद स्कूल की अंडर-14 टीम में शामिल दस प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के नाम इस प्रकार हैं:

दुष्यंत – कक्षा सातवीं

पराग – कक्षा आठवीं

रक्षम ढिल्लों – कक्षा सातवीं

नवीन जांगड़ा – कक्षा सातवीं

दीपांशु – कक्षा छठी

हर्षित – कक्षा सातवीं

हिमांशु – कक्षा सातवीं

रौनक – कक्षा नौवीं

निखिल – कक्षा नौवीं

अभिजीत – कक्षा नौवीं

विशेष बात यह रही कि विजेता टीम में छठी से लेकर नौवीं कक्षा तक के विद्यार्थी शामिल रहे। इन युवा खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत, लगन, आत्मविश्वास और सामूहिक प्रयास से राष्ट्रीय स्तर पर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।

अंडर-19 टीम ने भी राष्ट्रीय स्तर पर दिखाया दमखम

विद्यालय के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष रही क्योंकि दयानंद स्कूल की अंडर-19 वॉलीबॉल टीम ने भी CBSE नैशनल चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई किया था। अंडर-19 टीम ने अपने पूल मुकाबलों में UAE, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की मजबूत टीमों को पराजित कर शानदार प्रदर्शन किया और सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि सेमीफाइनल मुकाबले में दिल्ली की टीम के विरुद्ध उसे हार का सामना करना पड़ा, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अंतिम चार टीमों में स्थान बनाना भी विद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।

इस प्रकार विद्यालय की दोनों आयु वर्गों की टीमों ने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई और अंडर-14 वर्ग में राष्ट्रीय चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया।

चेयरमैन, डायरेक्टर और प्रिंसिपल ने दी बधाई

इस ऐतिहासिक सफलता पर दयानंद स्कूल के चेयरमैन श्री भरत सिंह कासनिया, डायरेक्टर श्री विजेंद्र गोदारा एवं प्राचार्या श्रीमती शिखा गोदारा ने सभी विजेता खिलाड़ियों, उनके अभिभावकों और प्रशिक्षकों को हार्दिक बधाई दी।

विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक ट्रॉफी या स्वर्ण पदक तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास, अनुशासन, सामूहिक प्रयास और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ खेलों को भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। विद्यालय का प्रयास रहता है कि विद्यार्थियों को बेहतर प्रशिक्षण, आवश्यक सुविधाएं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के पर्याप्त अवसर मिलें।

प्रशिक्षकों और मेंटर का रहा विशेष योगदान

इस सफलता के पीछे टीम के प्रशिक्षकों विकास, नरेश एवं प्रकाश चंद्र का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिन्होंने खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में निरंतर मेहनत और समर्पण दिखाया। विद्यालय प्रबंधन ने विशेष रूप से टीम के मेंटर श्री मुकेश कासनिया का आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन, प्रेरणा और सहयोग ने टीम की इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दयानंद स्कूल की इस राष्ट्रीय उपलब्धि से पूरे सिरसा क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। अंडर-14 टीम की यह ऐतिहासिक जीत इस बात का प्रमाण है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ी भी उचित प्रशिक्षण, बेहतर मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। विद्यालय परिवार ने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में ये खिलाड़ी राज्य और देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।