सिरसा के जोगीवाला गांव के होनहार रवि ने शिक्षा के क्षेत्र में रच दिया इतिहास: तीन बार NET, एक बार JRF व नेशनल फेलोशिप की उपलब्धि।
सिरसा जिले के जोगीवाला गांव से संबंध रखने वाले रवि ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से शिक्षा जगत में नया मुकाम हासिल किया है। रवि ने अब तक तीन बार UGC-NET परीक्षा उत्तीर्ण की है, एक बार जून 2025 में JRF प्राप्त किया है, साथ ही उन्हें प्रतिष्ठित राष्ट्रीय फेलोशिप (NFSC) भी मिल चुकी है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने जुलाई 2024 में केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) भी सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है।
रवि की प्रारंभिक शिक्षा सिरसा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जोगीवाला से हुई। इसके बाद उन्होंने राजकीय महाविद्यालय भट्टू कलां (फतेहाबाद) से स्नातक की डिग्री प्राप्त की। स्नातकोत्तर शिक्षा के लिए उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में संस्कृत एवं पालि-प्राकृत विभाग से एम.ए. किया। यहीं से उन्होंने बीएड की डिग्री भी प्राप्त की।
संस्कृत भाषा में गहरी रुचि रखने वाले रवि ने संस्कृत एवं प्राच्य विद्या संस्थान, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संस्कृत डिप्लोमा भी प्राप्त किया है। उनकी यही रुचि उन्हें संस्कृत विषय में लगातार उत्कृष्टता की ओर ले जाती रही।
तीन बार NET और एक बार JRF सफलता पाना आसान नहीं होता
रवि की इस उपलब्धि को सामान्य नहीं माना जा सकता। UGC-NET जैसी कठिन परीक्षा में तीन बार सफलता पाना और उसके साथ-साथ JRF (Junior Research Fellowship) तथा नेशनल फेलोशिप प्राप्त करना यह दर्शाता है कि वे एक गंभीर शोधकर्ता और समर्पित विद्यार्थी हैं।
रवि ने बताया कि वह संस्कृत भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत रहना चाहते हैं और भविष्य में उच्च शिक्षा संस्थानों में अध्यापन और शोध के क्षेत्र में अपना योगदान देना चाहते हैं।
गांव व परिवार में खुशी का माहौल
रवि की इस सफलता पर उनके गांव जोगीवाला में खुशी का माहौल है। परिवार, शिक्षक और समाज के लोग उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। उनके पिता ने कहा कि रवि शुरू से ही पढ़ाई में गंभीर और अनुशासित रहा है। उसकी यह उपलब्धि सिर्फ परिवार ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
शिक्षा क्षेत्र के युवाओं को प्रेरणा
रवि की यह उपलब्धि उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थी भी यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और परिश्रम निरंतर हो, तो किसी भी ऊंचाई को छू सकते हैं।
रवि का यह सफर शिक्षा और समर्पण का उत्तम उदाहरण है। तीन बार NET, एक बार JRF, NFSC और CTET जैसी उपलब्धियां उन्हें एक योग्य विद्वान बनाती हैं। आने वाले समय में वह भारतीय शिक्षा व्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान दे सकते हैं।