चारणवासी में इतिहास रचकर पहले सरपंच बने एडवोकेट सुभाष भांभु, 1671 वोटों से दर्ज की जीत

 

चारणवासी (7 KNN)। राजस्थान में ग्राम पंचायत चुनाव के नतीजों के बीच चारणवासी गांव से एक खास खबर सामने आई है। स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनने के बाद यहां पहली बार सरपंच पद के लिए चुनाव हुआ, जिसमें एडवोकेट सुभाष भांभु ने जीत हासिल कर गांव के पहले सरपंच बनने का गौरव प्राप्त किया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी गोविंद को 1671 वोटों के अंतर से हराया।

चुनाव परिणाम सामने आने के बाद गांव में इस जीत की चर्चा हो रही है। पहली बार गठित स्वतंत्र ग्राम पंचायत को अपना पहला सरपंच मिल गया है। सुभाष भांभु को तीनों मतदान केंद्रों पर गोविंद से अधिक वोट मिले।

तीनों बूथों पर सुभाष भांभु को मिले सबसे ज्यादा वोट

मतगणना के दौरान सामने आए बूथवार परिणामों के अनुसार बूथ नंबर 111 (वार्ड नंबर 1, 2 और 6) पर सुभाष भांभु को 687 वोट मिले, जबकि गोविंद को 76 वोट प्राप्त हुए। इस बूथ पर 7 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना और 6 वोट रद्द हुए।

इसी तरह बूथ नंबर 112 (वार्ड नंबर 3 और 4) पर सुभाष भांभु को 600 वोट मिले। गोविंद को यहां 48 वोट प्राप्त हुए। इसके अलावा 6 वोट नोटा में गए और 3 वोट रद्द हुए।

वहीं बूथ नंबर 113 (वार्ड नंबर 5 और 7) पर सुभाष भांभु को 565 वोट मिले, जबकि गोविंद के खाते में 57 वोट आए। इस बूथ पर 16 वोट नोटा और 8 वोट रद्द हुए।

 1671 वोटों के अंतर से मिली जीत

तीनों बूथों के परिणामों के अनुसार एडवोकेट सुभाष भांभु को कुल 1852 वोट मिले, जबकि गोविंद को 181 वोट प्राप्त हुए। इस तरह सुभाष भांभु ने 1671 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

इस जीत के साथ ही एडवोकेट सुभाष भांभु चारणवासी ग्राम पंचायत के पहले सरपंच बन गए। स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनने के बाद हुए पहले चुनाव का यह परिणाम गांव के पंचायत इतिहास में दर्ज हो गया है।