देश की हर 3 में से 2 कारें हरियाणा में बनती हैं, CM नायब सैनी ने बताया प्रदेश की तरक्की का पूरा हिसाब
Haryana Diamond Jubilee 2026: हरियाणा आज सिर्फ खेती और दूध-दही के लिए ही नहीं, बल्कि उद्योग, खेल और विकास के मामले में भी देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। देश में बनने वाली हर तीन में से दो कारें हरियाणा में तैयार होती हैं। इतना ही नहीं, देश का हर दूसरा ट्रैक्टर और 10 में से 6 मोटरसाइकिल भी इसी प्रदेश की देन हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कुरुक्षेत्र में हरियाणा के 60 साल पूरे होने पर आयोजित हीरक जयंती समारोह में प्रदेश की इन उपलब्धियों का जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छह दशक पहले जब हरियाणा बना था, तब प्रदेश के सामने कई चुनौतियां थीं। उस समय इसे पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता था, लेकिन आज हरियाणा ने अपनी मेहनत के दम पर देश के अग्रणी राज्यों में जगह बनाई है। इस सफर में किसानों, जवानों, खिलाड़ियों, महिलाओं, व्यापारियों और उद्योगपतियों का बड़ा योगदान रहा है।
60 साल में बदल गई हरियाणा की तस्वीर
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि 1 नवंबर 1966 को हरियाणा अलग राज्य बना था। उस समय प्रदेश के पास संसाधन सीमित थे और विकास की राह आसान नहीं थी। इसके बावजूद यहां के लोगों ने मेहनत की और हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का काम किया।
उन्होंने कहा कि आज हरियाणा की पहचान देश के मजबूत राज्यों में होती है। प्रदेश ने खेती, उद्योग, शिक्षा, खेल और तकनीक के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा के लोगों की मेहनत का परिणाम है।
देश की अर्थव्यवस्था में हरियाणा का बड़ा योगदान
मुख्यमंत्री ने हरियाणा की आर्थिक ताकत बताते हुए कहा कि क्षेत्रफल के हिसाब से प्रदेश छोटा जरूर है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था में इसका योगदान काफी बड़ा है।
उन्होंने बताया कि देश के कुल क्षेत्रफल में हरियाणा की हिस्सेदारी केवल 1.34 प्रतिशत है, जबकि देश की जीडीपी में प्रदेश का योगदान 3.6 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, देश में बनने वाली हर तीन में से दो कारें हरियाणा में बनती हैं। इसके अलावा हर दूसरा ट्रैक्टर और 10 में से 6 मोटरसाइकिल भी हरियाणा में तैयार होती हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश ने उद्योग और वाहन निर्माण के क्षेत्र में कितनी बड़ी पहचान बनाई है।
किसान, जवान और खिलाड़ियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान
सीएम सैनी ने कहा कि हरियाणा की असली ताकत यहां के मेहनती किसान, देश की रक्षा करने वाले जवान और खेल के मैदान में तिरंगा लहराने वाले खिलाड़ी हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के किसान देश का पेट भरने में योगदान दे रहे हैं। वहीं हरियाणा के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा की बेटियां अब किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। वे खेती, खेल, सेना, शिक्षा और कारोबार के साथ स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रही हैं।
उन्होंने कहा कि जब भी दुनिया में भारत का तिरंगा लहराता है, तो उसमें हरियाणा की मिट्टी की खुशबू भी जरूर होती है। इसी भावना को हरियाणा की मशहूर कहावत 'देशां म्है देश हरियाणा, जित दूध-दही का खाणा' भी दिखाती है।
राज्यपाल ने कहा- छह दशक की मेहनत से बदली प्रदेश की पहचान
समारोह की अध्यक्षता कर रहे हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने भी प्रदेश के विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि 1966 में जब हरियाणा बना था, तब प्रदेश और यहां के लोगों के सामने कई मुश्किलें थीं। आज छह दशक बाद वही हरियाणा अपनी उपलब्धियों का जश्न मना रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनकी टीम को भी बधाई दी। राज्यपाल ने कहा कि कृषि से लेकर तकनीक तक हरियाणा ने अपनी मजबूत जगह बनाई है। साल 2047 तक भारत को विकसित देश बनाने के लक्ष्य में भी प्रदेश अहम भूमिका निभा रहा है।
गुरुकुल कुरुक्षेत्र के विद्यार्थियों ने भी बढ़ाया मान
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने समारोह में गुरुकुल कुरुक्षेत्र की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में गुरुकुल के 100 से अधिक युवा एनडीए के माध्यम से सेना में उच्च अधिकारी बने हैं।
इसके अलावा गुरुकुल के 150 से अधिक विद्यार्थियों ने मेडिकल, आईआईटी, एनआईटी और आईआईआईटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में दाखिला लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
उन्होंने गुरुकुल के प्राकृतिक खेती फार्म का भी जिक्र किया। यहां बिना रासायनिक खाद और दवाइयों के खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे दूसरे किसान भी प्रेरणा ले रहे हैं।
स्वामी श्रद्धानंद के योगदान को किया याद
समारोह के दौरान महान समाज सुधारक स्वामी श्रद्धानंद को भी श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने उनके जीवन और समाज के लिए किए गए कार्यों को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद ने उस समय शिक्षा और समाज सुधार की अलख जगाई, जब देश अशिक्षा, सामाजिक बुराइयों और गुलामी की चुनौतियों से जूझ रहा था। उन्होंने गुरुकुल की स्थापना कर भारतीय संस्कृति, संस्कार और शिक्षा को आगे बढ़ाने का काम किया।
राज्यपाल ने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद का जीवन त्याग, साहस और देश के प्रति समर्पण की मिसाल है। उनके विचार आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं।
60 साल का सफर, आगे और आगे बढ़ने का संकल्प
हरियाणा के 60 साल का सफर इस बात का उदाहरण है कि मेहनत और लगन से मुश्किल हालात को भी बदला जा सकता है। एक समय पिछड़े राज्यों में गिना जाने वाला हरियाणा आज खेती, उद्योग, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
हीरक जयंती समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों की मेहनत और योगदान को इस सफलता का आधार बताया। साथ ही आने वाले वर्षों में हरियाणा को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प भी सामने रखा।