हरियाणा में 1000 नई इलेक्ट्रिक गाड़ियों को मिली हरी झंडी, EV खरीदने पर 15% सब्सिडी

 

चंडीगढ़। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने 1000 नई इलेक्ट्रिक गाड़ियों (ईवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन 'मेड इन इंडिया' गाड़ियों को सड़कों पर उतारने का मुख्य मकसद प्रदेश में प्रदूषण को कम करना और आम लोगों को स्वच्छ व सस्ते सफर की सुविधा देना है। सरकार के इस कदम से राज्य में पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को साफ रखने में बड़ी मदद मिलेगी।

पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये का एक 'ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड' तैयार किया है। इस बजट का इस्तेमाल बिना धुएं वाले वाहनों को बढ़ावा देने, सौर ऊर्जा, पानी बचाने, शहरों में हरियाली बढ़ाने और खेती को मौसम के अनुकूल बनाने जैसे कामों में किया जाएगा। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि हवा में बढ़ते प्रदूषण की बड़ी चुनौती से निपटने के लिए सरकार के साथ-साथ निजी कंपनियों और आम जनता का साथ आना भी बहुत जरूरी है।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चार्जिंग की समस्या को खत्म करने के लिए भी बड़े स्तर पर काम चल रहा है। हरियाणा परिवहन विभाग की तरफ से पंचकूला और रेवाड़ी में मॉडर्न इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग डिपो बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा नेशनल हाईवे पर भी जगह-जगह नए चार्जिंग स्टेशन लगाए गए हैं। 

आम आदमी भी आसानी से इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीद सके, इसके लिए सरकार ने 40 लाख रुपये से कम कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 15 प्रतिशत तक की पुरानी सब्सिडी को फिर से बहाल करने का फैसला किया है। इससे मध्यम वर्ग के लोगों को सीधे तौर पर लाखों रुपये की छूट मिलेगी।

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राव नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत-2047' के सपने को पूरा करने में हरियाणा सबसे आगे रहकर काम कर रहा है। पर्यावरण दिवस पर पूरे राज्य में चलाए गए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में जिस तरह से आम लोगों ने बढ़-चढ़कर पौधे लगाए हैं, उससे यह साफ हो गया है कि हरियाणा अब केवल बुनियादी विकास ही नहीं कर रहा, बल्कि पर्यावरण को साथ लेकर एक टिकाऊ भविष्य की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है।