केंद्र सरकार का बड़ा कदम: उल्लू समेत 25 ऐप्स बैन, आपत्तिजनक कंटेंट पर सख्त कार्रवाई
नई दिल्ली, केंद्र सरकार ने इंटरनेट पर बढ़ते अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (Ministry of Information and Broadcasting) ने अश्लीलता फैलाने वाले 25 ओटीटी ऐप्स को तुरंत प्रभाव से बैन कर दिया है। इन ऐप्स में लोकप्रिय लेकिन विवादों में रहने वाला 'उल्लू (Ullu)' ऐप भी शामिल है।
सरकार का कहना है कि इन ऐप्स के जरिए अश्लील कंटेंट, आपत्तिजनक विज्ञापन और पोर्नोग्राफिक सामग्री को खुलेआम प्रसारित किया जा रहा था, जो कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी रूल्स 2021 का उल्लंघन है।
बैन किए गए ऐप्स की सूची
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, जिन 25 ऐप्स को बैन किया गया है उनमें शामिल हैं:
उल्लू, आल्ट, बिग शॉट्स ऐप, देशीफ्लिक्स, बूमेक्स, नवरस लाइट, गुलाब ऐप, कंगन ऐप, बुल ऐप, जलवा ऐप, वाओ एंटरटेनमेंट, लुक एंटरटेनमेंट, हिटप्राइम, फेनियो, शोएक्स, सोल टॉकीज, अड्डा टीवी, हॉटएक्स वीआईपी, हलचल ऐप, मूडएक्स, नियानएक्स वीआईपी, फ्यूजी, मोजीफ्लिक्स और ट्राईफ्लिक्स।
ISPs को जारी हुआ आदेश
सरकार ने सभी इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स (ISPs) को नोटिस जारी कर निर्देश दिया है कि इन ऐप्स की इंटरनेट पर उपलब्धता को तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए। इसका मतलब है कि यूजर्स इन ऐप्स को न तो डाउनलोड कर पाएंगे और न ही इनका कंटेंट एक्सेस कर सकेंगे।
क्यों उठाया गया यह कदम?
स्टोरीबोर्ड18 की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि इन ऐप्स के जरिए अश्लीलता, हिंसा, और सामाजिक मूल्यों के विरुद्ध कंटेंट परोसा जा रहा है। इससे युवाओं और बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ रहा था। मंत्रालय ने जांच के बाद यह कदम उठाया है ताकि इंटरनेट को स्वस्थ और सुरक्षित माध्यम बनाया जा सके।
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती निगरानी
इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार अब ओटीटी और डिजिटल कंटेंट पर भी उसी तरह निगरानी रखेगी जैसे पारंपरिक टीवी चैनलों और फिल्मों पर होती है। इससे पहले भी सरकार ने कई पोर्न वेबसाइट्स को बैन किया था।
केंद्र सरकार का यह फैसला डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट की शुचिता और मर्यादा बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल समाज में फैल रही अश्लीलता पर अंकुश लगेगा, बल्कि डिजिटल दुनिया को सुरक्षित रखने की दिशा में भी यह मजबूत पहल होगी।