ऐलनाबाद से शक्कर मंदोरी तक कांग्रेस नेताओं ने सुनी किसानों की पीड़ा

मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ मजाक कर रही है प्रदेश की भाजपा सरकार: कुमारी सैलजा
 

चोपटा/ऐलनाबाद। हरियाणा में बाढ़ प्रभावित किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोला है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने सोमवार को ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों और हिसार घग्गर मल्टीपरपज ड्रेन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मुआवजे के नाम पर किसानों के साथ मजाक कर रही है।

किसानों को 15 हजार नहीं, 60-75 हजार प्रति एकड़ मुआवजा मिलना चाहिए

सैलजा ने कहा कि नरमा और कपास जैसी फसलों पर लागत खर्च 75 से 90 हजार रुपये प्रति एकड़ तक आता है, ऐसे में किसानों को कम से कम 60-75 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलना चाहिए। सरकार द्वारा 15 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की घोषणा किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।

कांग्रेस नेताओं का ऐलनाबाद दौरा

सैलजा के साथ ऐलनाबाद विधायक चौ. भरत सिंह बैनीवाल, कांग्रेस की जिला प्रधान संतोष बैनीवाल, वीरभान मेहता, संदीप नेहरा एडवोकेट, राजेश चाडीवाल, पूर्व जिला प्रधान मलकीत सिंह खोसा, मलकीत सिंह रंधावा, राम सिंह सोलंकी चेयरमैन नगर पालिका ऐलनाबाद, सतपाल मेहता, लादूराम पूनिया, जग्गा सिंह बराड़ डबवाली, दुर्गा सिंह पूर्व सरपंच औटू और भोला सिंह मल्लेकां समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

खेत बने तालाब, खड़ी फसलें नष्ट

सैलजा गांव गुडियाखेड़ा भी पहुंचीं जहां घग्गर ड्रेन के टूटने से खेतों में पानी भर गया। उन्होंने कहा कि खेत तालाब में तब्दील हो चुके हैं और किसानों की तैयार फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। यह स्थिति भाजपा सरकार की लापरवाही और कुप्रबंधन को उजागर करती है।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ड्रेन की मरम्मत व मजबूती का कार्य किया जाता तो किसानों को इस नुकसान से बचाया जा सकता था। आज तक न तो राहत कार्य तेजी से शुरू हुए हैं और न ही मुआवजे की ठोस व्यवस्था की गई है।

प्रभावित गांवों का दौरा

सांसद सैलजा ने सोमवार को लुदेसर, मानक दीवान, दडबा कलां, शाहपुरिया, शक्कर मंदोरी, निरवाण सहित कई गांवों का दौरा कर खेतों में हुए जलभराव का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सरकार को पोर्टल पर खेल करने की बजाय किसानों का फिजिकल वेरिफिकेशन कराना चाहिए और उन्हें तुरंत मुआवजा देना चाहिए।

गेहूं की बिजाई से पहले मुआवजा जरूरी

सैलजा ने कहा कि प्रदेश में किसानों को समय पर मुआवजा नहीं मिलता। सरकार को चाहिए कि गेहूं की बिजाई को देखते हुए किसानों को जल्द से जल्द राहत राशि उपलब्ध कराए। साथ ही स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करे ताकि भविष्य में किसानों को ऐसे संकट का सामना न करना पड़े।

भाजपा सरकार की दूरदर्शिता पर उठाए सवाल

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दूरदर्शिता की कमी साफ दिखाई देती है। शासन-प्रशासन की ढीली कार्यप्रणाली का खामियाजा आम जनता और किसान झेल रहे हैं। प्रदेश का किसान मजबूर और परेशान है, लेकिन सरकार उसके दर्द को समझने के बजाय औपचारिकताओं में उलझी हुई है।

भारत-पाक क्रिकेट पर बोलीं सैलजा

भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच को लेकर पूछे गए सवाल पर सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार दोहरा मापदंड अपना रही है। एक ओर सरकार कहती है कि "खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते", वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच की अनुमति दी जा रही है। जब देश में कांग्रेस की सरकार थी, तब भाजपा ऐसे मुद्दों पर सबसे ज्यादा मुखर होती थी।

सिख श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर बयान

नवंबर माह में सिख श्रद्धालुओं को पाकिस्तान न जाने देने के फैसले पर सैलजा ने कहा कि सुरक्षा सबसे पहले है और इस विषय पर सरकार को गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए।