इनेलो नेता अभय चौटाला का भाजपा पर बड़ा हमला, उद्योगपतियों की नौकरशाही छोड़ किसानों की सुध ले सरकार
इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के प्रधान महासचिव और विधायक चौधरी अभय सिंह चौटाला ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपीलों पर कड़ा प्रहार किया है। चंडीगढ़ में 12 मई 2026 को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि जिस देश का किसान और कमेरा वर्ग कमजोर होता है, उस देश की अर्थव्यवस्था एक दिन पूरी तरह से घुटनों पर आ जाती है।
इनेलो नेता का यह बयान एक ऐसे समय में आया है जब देश में आर्थिक मंदी की आशंकाओं के बीच सोने की खरीदारी कम करने की अपील की जा रही है और किसान संगठन एक बार फिर से अपनी लंबित मांगों को लेकर लामबंद हो रहे हैं।
अभय चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री और इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि चौधरी साहब हमेशा मानते थे कि इस देश की असली ताकत खेत, किसान और मेहनत करने वाली जनता है। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की असली ताकत कैमरों के सामने होने वाले महंगे रोड शो या जनता के टैक्स के पैसों से किए जाने वाले करोड़ों के प्रचार में नहीं है। इंटरनेट पर आज की राजनीतिक चर्चाओं और 'गैप' को देखते हुए उन्होंने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि क्या कभी सत्ताधारी पार्टी ने अपने नेताओं और मंत्रियों की फिजूलखर्ची पर रोक लगाई है?
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि आज सत्ता के गलियारों में शानो-शौकत की नदियां बह रही हैं और दूसरी तरफ आम आदमी को देश बचाने के नाम पर खर्च कम करने और त्याग का पाठ पढ़ाया जा रहा है। अभय चौटाला ने स्पष्ट रूप से कहा कि मौजूदा सरकार देश की अर्थव्यवस्था को संभालने में पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है और यही कारण है कि अब आम जनता से बचत के नाम पर 'भीख' मांगी जा रही है। उन्होंने याद दिलाया कि अगर समय रहते सरकार ने किसान को मजबूत किया होता और फसलों के सही दाम दिए होते, तो आज यह नौबत नहीं आती।
इनेलो नेता ने कहा कि यदि किसानों को सस्ती खाद, बीज, पानी और बिजली की गारंटी दी जाती तो गांव समृद्ध होते और बाजार अपने आप रफ्तार पकड़ लेते। लेकिन भाजपा सरकार ने पिछले कई सालों में किसानों को सिर्फ आंदोलनकारी, गरीब और मजबूर बनाने का ही काम किया है। उन्होंने हरियाणा की मौजूदा नायब सरकार और केंद्र को चेतावनी देते हुए आगाह किया कि वे बड़े-बड़े उद्योगपतियों की नौकरशाही करना छोड़ें और देश के किसान और कमेरे वर्ग को ताकत देने का काम करें, तभी देश सही मायनों में तरक्की कर पाएगा।