बणी गांव में पूर्व सरपंच प्रतिनिधि गिरफ्तार, जानिए क्या है वजह
सिरसा जिले के रानियां थाना क्षेत्र के गांव बणी में एक मकान की दीवार तोड़कर कब्जा करने के प्रयास के मामले में पूर्व सरपंच प्रतिनिधि ओमप्रकाश पुत्र चुन्नीलाल को 17 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया है। करीवाला चौकी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर थाने से जमानत पर छोड़ दिया।
क्या है पूरा मामला
शिकायतकर्ता अंजनी कुमार पुत्र चावली देवी ने 14 मई 2026 को थाना रानियां में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसने वर्ष 2013 में गांव बणी में अपना मकान बनाया था। मकान में बिजली और पानी का कनेक्शन सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं तथा वह समय-समय पर मकान की देखरेख करता रहा।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि पड़ोसी ओमप्रकाश पुत्र चुन्नीलाल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर उसके मकान की लगभग 70 फुट लंबी दीवार को तोड़ दिया। आरोप है कि दीवार की ईंटें मुख्य गेट के सामने डाल दी गईं तथा नाजायज तरीके से मकान में प्रवेश कर कब्जा करने का प्रयास किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि मकान पर लगे बोर्ड भी उखाड़कर ले जाए गए तथा बिना किसी अनुमति के उसके प्लॉट में घुसकर भारी नुकसान पहुंचाया गया।
पुलिस ने दर्ज की FIR
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मौके का मुआयना किया, साक्ष्य एकत्र किए तथा जांच के आधार पर एफआईआर संख्या 193, दिनांक 14 मई 2026 थाना रानियां की करीवाला चौकी में दर्ज की गई। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 324(4), 329(3), 62 सहित अन्य धाराओं के तहत ओमप्रकाश पुत्र चुन्नीलाल, पूर्व सरपंच प्रतिनिधि एवं अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज किया गया।
एसपी के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई
इस मामले में पीड़ित पक्ष एसपी दीपक सहारन से मिला और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। एसपी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी ऐलनाबाद सुभाष बिश्रोई को मौका मुआयना करने के निर्देश दिए। डीएसपी सुभाष बिश्रोई ने मौके पर जाकर जांच की और दोनों पक्षों से बातचीत भी की। दोनों पक्षों से बातचीत करने के बाद उन्होंने चौकी प्रभारी को उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया।
दो माह बाद गिरफ्तारी
करीवाला चौकी प्रभारी पीएसआई राजेन्द्र सिंह द्वारा लगभग दो माह तक की गई जांच के बाद मुख्य आरोपी ओमप्रकाश को 17 जुलाई 2026 को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर थाने से जमानत पर छोड़ दिया गया।