Sirsa News: बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही: जोड़कियां गांव में लगा दिया बिना कट हैंडल वाला ट्रांसफॉर्मर
Sirsa News: नाथुसरी-चौपटा: सिरसा जिले के नाथुसरी-चौपटा क्षेत्र के गांव जोड़कियां में बिजली विभाग की एक गंभीर लापरवाही सामने आई है। गांव के मुख्य बस स्टैंड पर नया ट्रांसफॉर्मर तो लगा दिया गया, लेकिन उसमें बिजली काटने और जोड़ने के लिए सबसे जरूरी 'कट हैंडल' ही नहीं लगाया गया। इससे ट्रांसफॉर्मर के पैनल में तार पूरी तरह खुले पड़े हैं और किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।
ट्रांसफॉर्मर के ऊपरी पैनल में कट हैंडल की गैरमौजूदगी का मतलब है कि तेज आंधी आने पर या किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में खुले तार सीधे जमीन पर गिर सकते हैं। यह ट्रांसफॉर्मर गांव की मुख्य सड़क पर स्थित बस स्टैंड के पास एक छोटे पार्क और घनी आबादी वाले मार्ग के बिल्कुल करीब लगा हुआ है। ऐसे में बच्चों के खेलने के दौरान किसी की भी जान जा सकती है।
पुराना ट्रांसफॉर्मर जला, नया लगाया पर काम अधूरा छोड़ा
स्थानीय निवासियों के अनुसार, गत वर्ष गांव का पुराना ट्रांसफॉर्मर फुंक गया था। काफी शिकायतों और इंतजार के बाद बिजली विभाग ने नया ट्रांसफॉर्मर तो लगा दिया, लेकिन उसे सुरक्षा के सभी मानकों के अनुसार पूरी तरह तैयार नहीं किया। ट्रांसफॉर्मर इंस्टॉलेशन के दौरान कर्मचारियों ने कट हैंडल लगाना जरूरी नहीं समझा, जो कि किसी भी ट्रांसफॉर्मर की सबसे बुनियादी सुरक्षा जरूरत होती है। गांव वालों ने इस लापरवाही की शिकायत स्थानीय जेई हरिचंद को की, लेकिन उन्होंने आज से पहले इस मामले पर कोई ध्यान नहीं दिया।
ग्रामीणों का गुस्सा अब सड़क पर आ गया है। मोहल्ले वासियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर 24 घंटे के भीतर ट्रांसफॉर्मर में कट हैंडल नहीं लगाया गया, तो वे बिजली विभाग के दफ्तर का घेराव करेंगे और विभाग की लापरवाही के खिलाफ खुला प्रदर्शन करेंगे। इस खबर के सामने आने के बाद नाथुसरी-चौपटा के जेई हरिचंद ने कहा, "यह मामला मेरे संज्ञान में आज ही आया है, हम आगे इस मामले के बारे में अधिकारियों को अवगत करवा दिया जाएगा और जल्द ही ट्रांसफॉर्मर में बिजली कट हैंडल लगा दिया जाएगा।" संबंधित अधिकारियों ने भी कहा है कि मामले की जांच की जाएगी और सुरक्षा मानकों के अनुसार जल्द कट हैंडल लगवा दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार के ऊर्जा विभाग के नियमों के अनुसार खराब या अधूरे ट्रांसफॉर्मर को ग्रामीण क्षेत्रों में 2 घंटे के अंदर दुरुस्त करना अनिवार्य है। ऐसे में गांव जोड़कियां का यह मामला न केवल विभागीय लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि सरकारी आदेशों की खुली अनदेखी भी है। अब देखना यह है कि 24 घंटे की इस अल्टीमेटम डेडलाइन में विभाग हरकत में आता है या ग्रामीणों को सड़क पर उतरना पड़ता है।