सिरसा में ASI और SDO पर गिरी गाज, दोनों सस्पेंड, जाने वजह

 

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 23 जुलाई 2026 को सिरसा में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित इस बैठक में कुल 19 शिकायतें रखी गईं, जिनमें 16 नई और 3 लंबित शिकायतें शामिल थीं। CM ने बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए नाबालिग बच्चे से समझौता कराने वाले ASI को सस्पेंड कर दिया, जबकि बिजली निगम के एक SDO को बिना कागजात देखे कनेक्शन जारी करने पर निलंबित कर दिया।

नाबालिग से समझौता कराने पर ASI राजेश सस्पेंड

सीएम नायब सिंह सैनी ने बैठक के दौरान एक गंभीर शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए रानियां थाने के एएसआई राजेश को निलंबित कर दिया। यह शिकायत नाबालिग बच्चे की मां कैलाश कौर ने की थी। मामला लड़ाई-झगड़े का था, जिसमें आरोप है कि एएसआई राजेश ने नाबालिग बच्चे से समझौता कराने की कोशिश की। सीएम ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से ASI को सस्पेंड करने के आदेश दिए।

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बिजली निगम के SDO सस्पेंड, JE चार्जशीट

बिजली निगम से जुड़ी एक शिकायत पर सीएम ने बड़ी कार्रवाई की। मामला ट्यूबवेल कनेक्शन काटने का था, जिसमें आरोप है कि संबंधित एसडीओ ने बिना कागजात देखे ही कनेक्शन जारी कर दिया। इस लापरवाही पर सीएम ने एसडीओ को सस्पेंड करने और जेई को चार्जशीट करने के आदेश दिए। साथ ही, सीएम ने इस पूरे मामले की गहन जांच के भी निर्देश दिए। इससे पहले भी सीएम सैनी सिरसा में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई कर चुके हैं।

झूठीखेडा गांव की फर्जी रजिस्ट्री की विजिलेंस जांच के आदेश

बैठक के दौरान झूठीखेडा गांव से जुड़ी एक और गंभीर शिकायत सामने आई। मामला फर्जी रजिस्ट्री का था। सीएम ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विजिलेंस विभाग से जांच करवाने के आदेश दिए। फर्जी रजिस्ट्री के मामलों में सीएम सैनी पहले भी सख्त रुख अपना चुके हैं।

सेक्टर-21 प्लॉट आवंटन मामले की जांच के निर्देश

विजय कुमार ने सीएम के समक्ष सेक्टर-21 में प्लॉट आवंटन से जुड़ी शिकायत रखी। शिकायत में कहा गया कि किश्तें जमा करने के बाद भी उपभोक्ता को प्लॉट नहीं दिया गया। सीएम ने इस मामले की जांच के निर्देश दिए और संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।

बैठक में कुल 19 शिकायतें, 12 का मौके पर समाधान

सीएम नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 19 शिकायतें रखी गईं। इनमें से 12 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि 3 जटिल मामलों को आगे की जांच के लिए लंबित रखा गया। बैठक में पूर्व राज्यपाल प्रो. गणेश लाल, एलेनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल, सिरसा विधायक गोकुल सेटिया, कालांवाली विधायक शीशपाल केहरवाला, जिला परिषद चेयरमैन करण चौटाला, डिप्टी कमिश्नर शांतनु शर्मा, सिरसा एसपी दीपक सहारन और दबवाली एसपी जसलीन कौर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

CM का सख्त रुख: भ्रष्टाचार और लापरवाही बर्दाश्त नहीं

सीएम नायब सिंह सैनी ने बैठक में साफ कहा कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक के दौरान सीएम ने कई मामलों में अनुपस्थित शिकायतकर्ताओं को स्वयं फोन करके उनकी समस्या की बारीकियां जानीं और मौके पर ही निर्देश जारी किए।