Sirsa News: 36 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुईं डीईओ सुनीता साईं, शिक्षा जगत ने दी भावभीनी विदाई
Sirsa News: जिला शिक्षा अधिकारी सुनीता सार्इं सोमवार को शिक्षा विभाग में 36 वर्ष 7 माह 22 दिन की उल्लेखनीय एवं प्रेरणादायक सेवा यात्रा पूर्ण कर सेवानिवृत्त हो गईं। उनके सम्मान में भव्य सम्मान समारोह एवं विदाई कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षा विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, सामाजिक प्रतिनिधियों और परिवारजनों ने भावभीनी विदाई दी। सुनीता साईं ने अपने सेवाकाल के दौरान प्राचार्य, खंड शिक्षा अधिकारी तथा जिला शिक्षा अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए उत्कृष्ट कार्य किया।
शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान और प्रशासनिक दक्षता के लिए जिला प्रशासन द्वारा उन्हें गणतंत्र दिवस समारोह में भी सम्मानित किया जा चुका है। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि सुनीता सार्इं ने अपने कार्यकाल में एक ईमानदार, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी के रूप में पहचान बनाई। उनके नेतृत्व में शिक्षा विभाग ने कई उपलब्धियां हासिल कीं और वे हमेशा शिक्षकों व विद्यार्थियों के हित में कार्य करती रहीं।
कार्यक्रम के दौरान राजेश कम्बोज संगीत अध्यापक की टीम ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समां बांध दिया, वहीं मिलिट्री बैंड की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अर्पित संगल, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी, फतेहाबाद जिला शिक्षा अधिकारी संगीता बिश्नोई, पूर्व संयुक्त निदेशक आत्म प्रकाश, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी यज्ञदत्त वर्मा,संत कुमार बिश्नोई,बुटा राम, जिला परियोजना समन्वयक कृष्ण कुमार, उप जिला शिक्षा अधिकारी अमनपाल गोदारा, विजय सचदेवा, सतवीर ढिढारियां, राजेन्द्र जाखड़, कुलदीप कौर,राम अवतार, रमेश कुमार, राजकुमार, राजकुमार अरोड़ा,जिला विज्ञान विशेषज्ञ डा. मुकेश कुमार, नोडल अधिकारी अमित मनहर, सेक्शन अधिकारी सुचि बजाज, मास्टर दलीप सिंह गोदारा, प्रदेशाध्यक्ष विकलांग संघ उमंग बंसी लाल झोरड़, सरपंच जोगिंद्र सिंह, प्राचार्या कृष्णा देवी, गुरनाम सिंह,जगसरण सिंह,बलविंद्र सिंह बराड़, राजकुमार कासनियां,राज्य उपप्रधान शिक्षक संघ भगत सिंह न्योल, महावीर न्योल, सतपाल गाट,सुनील कड़वासरा, सुरेश कुमार, लखवीर सिंह, विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य एंव परिवारिक सदस्य और रिश्तेदार उपस्थित रहे। समारोह में सभी ने सुनीता सांई के उज्ज्वल भविष्य और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उनके योगदान को शिक्षा विभाग के लिए प्रेरणास्रोत बताया।