ऐलनाबाद में ट्रैफिक जाम से लोगों का बुरा हाल, नगर पालिका के सारे दावे फेल, लोगों में भारी रोष

 

सिरसा/ऐलनाबाद: शहर के मुख्य बाजार में भारी ट्रैफिक जाम की समस्या ने लोगों का बुरा हाल कर रखा है। स्थानीय नगर पालिका प्रशासन द्वारा यातायात व्यवस्था सुधारने के तमाम दावे धरातल पर पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कई बार सायरन बजाती एंबुलेंस भी इस जाम में फंस जाती है, जिससे गंभीर मरीजों की जान पर बन आती है। शहर की आम जनता अब इस रोज-रोज की ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान चाहती है। 

ऐलनाबाद का मुख्य बाजार करीब दो किलोमीटर लंबा है, जो शहर का सबसे व्यस्त क्षेत्र माना जाता है। घग्घर बेल्ट के लगभग 20 गांवों के लोगों की आवाजाही रोजाना इसी मुख्य रास्ते से होती है। इसके अलावा शहर की पुरानी मंडी में बड़े व्यापारी ट्रकों और अन्य भारी वाहनों से अपना माल उतारते हैं। हर समय बाजार में इन भारी वाहनों की मौजूदगी से यहां दिन भर जाम की स्थिति बनी रहती है।

कुछ समय पहले नागरिक प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए पुरानी मंडी में सामान उतारने वाले भारी वाहनों के लिए एक तय समय सीमा निर्धारित की थी। उस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार भी देखने को मिला था। लेकिन प्रशासन की ढील और लापरवाही के चलते अब फिर से दिन भर गाड़ियां खड़ी रहती हैं और पुराने नियम पूरी तरह हवा हो चुके हैं।

नगर पालिका ने सड़क के दोनों ओर सफेद पट्टी लगाकर ट्रैफिक सुधारने की एक कोशिश जरूर की थी। मगर बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों के पास गाड़ियां खड़ी करने के लिए कोई सुरक्षित पार्किंग या दूसरी कोई जगह नहीं है। ऐसे में मजबूरी और अव्यवस्था के चलते लोग अपनी गाड़ियां सड़क पर ही टेढ़ी-मेढ़ी खड़ी कर देते हैं, जिससे पूरा रास्ता संकरा हो जाता है।

मुख्य बाजार के बीचों-बीच एक प्रमुख बैंक की शाखा होने के कारण भी यहां लोगों की भारी भीड़ हो जाती है। बैंक आने वाले लोग भी अपने दोपहिया और चौपहिया वाहन सड़क पर ही खड़े करते हैं। हैरानी की बात यह है कि यातायात सुचारू करने के लिए ट्रैफिक पुलिस भी कोई सार्थक प्रयास करती नजर नहीं आ रही है, जिससे दुकानदारों और वाहन चालकों में आपसी नोकझोंक आम बात हो गई है।

स्थानीय दुकानदारों और आम राहगीरों में नगर पालिका और ट्रैफिक पुलिस की इस गहरी नींद को लेकर भारी रोष है। शहरवासियों की पुरजोर मांग है कि प्रशासन बाजार में भारी वाहनों की नो-एंट्री का समय सख्ती से दोबारा लागू करे। इसके साथ ही ट्रैफिक पुलिस को मुख्य बाजार में निरंतर गश्त करनी चाहिए, ताकि बेतरतीब पार्किंग पर लगाम लग सके और लोगों को इस घुटन भरे जाम से हमेशा के लिए राहत मिले।