हरियाणा में कंप्यूटर लैब अटेंडेंट 11 जून को करेंगे शिक्षा मंत्री के घर का घेराव
सिरसा। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पिछले 14 सालों से काम कर रहे कंप्यूटर लैब अटेंडेंट अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। अपनी नौकरी सुरक्षित करने और वेतन से जुड़ी समस्याओं को लेकर ये कर्मचारी आने वाली 11 जून को पानीपत में शिक्षा मंत्री के घर का घेराव करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने उन्हें 58 साल तक नौकरी की गारंटी देने का कानून तो बना दिया, लेकिन आज तक उसे सही से लागू नहीं किया है।
कंप्यूटर लैब अटेंडेंट संघ के सिरसा जिलाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि वे लंबे समय से सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने अपनी परेशानियां रख रहे हैं। लगातार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई हल नहीं निकला, तो अब कर्मचारियों में भारी गुस्सा है।
उन्होंने बताया कि साल 2024 में राज्य सरकार ने 'हरियाणा सर्विस सिक्योरिटी एक्ट' बनाया था। इस एक्ट का मकसद सरकारी महकमों में काम करने वाले कच्चे कर्मचारियों को 58 साल की उम्र तक पक्की नौकरी जैसी सुरक्षा देना था, लेकिन यह योजना फाइलों में ही उलझ कर रह गई है।
कर्मचारियों ने कहा कि एक्ट बनने के बावजूद पोर्टल और कागजी कार्रवाई के नाम पर उन्हें भटकाया जा रहा है। कागजी प्रक्रिया में कभी पोर्टल नहीं चलता तो कभी ओटीपी (OTP) अटक जाता है, जिस वजह से सेवा सुरक्षा का सीधा लाभ उन तक पहुंच ही नहीं पा रहा है। इन कर्मचारियों को फिलहाल हर महीने सिर्फ 12 हजार रुपये के करीब वेतन मिल रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि आज के समय में इतनी कम पगार से परिवार पालना बेहद मुश्किल हो गया है।
संघ ने अब साफ चेतावनी दे दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी रुकी हुई कागजी प्रक्रिया पूरी करके सर्विस सिक्योरिटी एक्ट का फायदा नहीं दिया, तो 11 जून का प्रदर्शन बड़ा रूप ले सकता है। इस प्रदर्शन में अपनी आवाज उठाने के लिए पूरे हरियाणा से भारी संख्या में कंप्यूटर लैब अटेंडेंट पानीपत पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं।