जॉब सुरक्षा का वादा झूठा निकला, सिरसा समेत हरियाणा में स्वास्थ्य कर्मचारियों का रोष प्रदर्शन
सिरसा। हरियाणा में अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों ने मंगलवार को प्रदेशभर में रोष प्रदर्शन किया। अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी संघ-2107 और भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में कर्मचारियों ने उपायुक्त के माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री के नाम मांगपत्र सौंपा। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर जॉब सुरक्षा को लेकर किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
प्रदेश प्रचार मंत्री प्रदीप कुमार ने कहा कि 15 जून को गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की ओर से कर्मचारियों को जॉब सुरक्षा पत्र देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारियों ने इसे वादा खिलाफी बताया।
प्रदेशभर में एक साथ हुए प्रदर्शन
अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारी संघ से जुड़े कर्मचारियों ने मंगलवार को हरियाणा के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। सिरसा में कर्मचारियों ने एकत्र होकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से अनुबंध आधार पर सेवाएं देने के बावजूद उन्हें स्थायी सुरक्षा नहीं मिल रही। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने कहा कि सरकार ने मंचों से कई बार भरोसा दिलाया, लेकिन धरातल पर कोई आदेश जारी नहीं हुआ। कर्मचारियों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में काम कर रहे अनुबंधित कर्मचारियों का भविष्य अब भी असुरक्षित बना हुआ है।
संघ नेताओं ने कहा कि यदि सरकार जल्द फैसला नहीं लेती तो आने वाले दिनों में बड़ा प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी सरकार और विभागीय अधिकारियों की होगी।
भारतीय मजदूर संघ ने भी दिया समर्थन
भारतीय मजदूर संघ से जुड़े पदाधिकारियों ने भी प्रदर्शन में भाग लिया। जिला मंत्री की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा और सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
प्रदर्शन में जिला प्रधान संदीप कुमार, रवि कुमार शर्मा समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार काम करने के बावजूद उन्हें अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है।
कर्मचारियों ने आगे की रणनीति के दिए संकेत
संघ नेताओं ने कहा कि फिलहाल सरकार को चेतावनी दी गई है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो प्रदेशभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन, धरना और आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से उठाते आ रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।