हरियाणा में मिड डे मील वर्कर्स कर रहे है बड़े आंदोलन की तैयारी, शिक्षा मंत्री की शवयात्रा से लेकर जेल भरो आंदोलन का किया ऐलान
सिरसा। हरियाणा में मिड डे मील वर्कर्स ने सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान कर दिया है। सिरसा में आयोजित मिड डे मील वर्कर्स यूनियन हरियाणा (सीटू) के राज्य स्तरीय सम्मेलन में प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की। यूनियन ने साफ कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर 18 जून को शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा की प्रतीकात्मक शवयात्राएं निकाली जाएंगी, 4 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के गृह नगर कुरुक्षेत्र में घेराव किया जाएगा और 10 अगस्त को पूरे हरियाणा में जेल भरो आंदोलन चलाया जाएगा।
हरियाणा में करीब 28 हजार है मिड डे मील वर्कर्स
राज्य प्रधान राजरानी ने कहा कि हरियाणा में करीब 28 हजार मिड डे मील वर्कर्स बेहद कम मानदेय पर काम कर रही हैं। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में बच्चों के लिए खाना तैयार करने और व्यवस्था संभालने वाली वर्कर्स खुद आर्थिक संकट से गुजर रही हैं।
अब कितना मिलता है वेतन
यूनियन नेताओं ने कहा कि मई 2022 में 7000 रुपये मानदेय तय किया गया था, लेकिन उसके बाद महंगाई लगातार बढ़ी है। दूसरी तरफ हरियाणा में न्यूनतम वेतन बढ़कर 15220 रुपये तक पहुंच चुका है। ऐसे में मिड डे मील वर्कर्स को सम्मानजनक वेतन नहीं मिलना बड़ा मुद्दा बन गया है।
सम्मेलन में यूनियन ने सरकार के सामने कई मांगें रखीं। इनमें मिड डे मील वर्कर्स को 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन देने, पूरे 12 महीने मानदेय देने, रिटायरमेंट लाभ और सामाजिक सुरक्षा लागू करने की मांग शामिल रही। हटाई गई वर्कर्स को वापस नौकरी देने और स्कूल मर्ज करने की नीति रोकने की भी मांग उठाई गई।
यूनियन ने नई शिक्षा नीति को लेकर भी विरोध जताया। नेताओं का कहना है कि स्कूलों के मर्ज होने और नई नीतियों का सबसे ज्यादा असर गरीब परिवारों और छोटे स्कूलों पर पड़ रहा है।
सम्मेलन में महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर भी चिंता जताई गई। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार प्रभावी कदम उठाने में नाकाम रही है। इस मुद्दे पर भी आने वाले समय में अलग अभियान चलाने की बात कही गई।
जिलों से पहुंचे पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। यूनियन नेताओं ने कहा कि कई बार बातचीत के लिए बुलाने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं किया गया। 9 जून को हरियाणा सचिवालय में बैठक रखी गई थी, लेकिन शिक्षा मंत्री खुद मौजूद नहीं रहे। इससे वर्कर्स में नाराजगी और बढ़ गई है।
यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द बातचीत कर समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन, धरने और गिरफ्तारियां देने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
हरियाणा में मिड डे मील योजना से सरकारी स्कूलों के लाखों बच्चे जुड़े हैं। ऐसे में आंदोलन तेज होने पर स्कूलों में भोजन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ सकती है। शिक्षा विभाग फिलहाल पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।