सिरसा समेत हरियाणा के इन शहरों के गरीबों परिवारों का अपना घर का सपना होगा पूरा, 60 शहरी स्थानीय निकायों में आवासों को मंजूरी 

 

सिरसा (चोपटा प्लस): हरियाणा के शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी (पीएमएवाई-यू) 2.0 के तहत राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 60 शहरी स्थानीय निकायों में 2,646 आवासों को मंजूरी दे दी है। यह फैसला मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में 14 अप्रैल 2026 को हुई राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (एसएलएसएमसी) की तीसरी बैठक में लिया गया, जिससे हजारों परिवारों को अब किराए के मकानों से मुक्ति मिलने की उम्मीद जगी है। खास बात यह है कि अब तक हुए सत्यापन में 17,465 आवेदन तो स्वीकृत हुए, लेकिन 29,437 आवेदन जांच के बाद अस्वीकृत किए गए, जिससे साफ है कि सरकार पात्रता को लेकर कोई समझौता नहीं कर रही है।

इस बैठक में पहले चरण में 51 शहरी स्थानीय निकायों के 2,409 लाभार्थियों की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जबकि इसी दौरान 9 अन्य शहरी निकायों से 237 अतिरिक्त लाभार्थियों की परियोजनाएं भी प्राप्त हुईं, जिन्हें समिति ने तुरंत हरी झंडी दे दी। हाउसिंग फॉर ऑल विभाग के आयुक्त एवं सचिव मोहम्मद शाइन ने बताया कि केंद्र सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर अब तक 1,69,483 आवेदकों ने अपनी आवास मांग दर्ज कराई है। इनमें से 97,584 आवेदन बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) श्रेणी में हैं, जबकि 71,899 आवेदन अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (एएचपी) श्रेणी में हैं, जो इस योजना में लोगों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।

क्या है पीएमएवाई-यू 2.0 और किन्हें मिलेगा फायदा?

बीएलसी श्रेणी के अंतर्गत अब तक 46,902 आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है, जिनमें से 17,465 स्वीकृत और 29,437 अस्वीकृत किए गए हैं। अब तक 12,552 मकानों की जियो-टैगिंग भी की जा चुकी है, जो लाभार्थियों को केंद्रीय सहायता जारी करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत पात्र लाभार्थियों को सभी मौसमों के अनुकूल बहुमंजिला पक्का मकान बनाने के लिए कुल 2.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें 1.50 लाख रुपये केंद्र सरकार और 1.00 लाख रुपये राज्य सरकार का हिस्सा होता है। मकान का न्यूनतम कार्पेट एरिया 30 वर्ग मीटर तथा अधिकतम 45 वर्ग मीटर निर्धारित किया गया है।

पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत पहले ही 17,430 लाभार्थियों की आवास परियोजनाओं को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है, जो 20 मार्च 2025 और 15 अक्टूबर 2025 को हुई केंद्रीय समिति की बैठकों में दी गई थी। केंद्र सरकार द्वारा 2,174 मकानों के लिए केंद्रीय हिस्से की पहली किस्त के रूप में 1,304.40 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं। केंद्र सरकार द्वारा 1 सितंबर 2024 से लागू की गई इस योजना का मकसद शहरी क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, निम्न आय वर्ग और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। राज्य सरकार ने इसके लिए केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर लिए हैं और सभी शहरी स्थानीय निकायों को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं।

योजना को जमीन पर उतारने के लिए वित्त वर्ष 2025-26 और 2026-27 के लिए वार्षिक क्षमता निर्माण योजनाओं को भी मंजूरी दी गई है, जिसके तहत सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों और 3 शहरी विकास प्राधिकरणों में 32 सिटी लेवल टेक्निकल सेल क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए क्षमता निर्माण पर कुल 704.45 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है, जबकि वर्ष 2026-27 के लिए 772.85 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के अनुपात में वहन करेंगी। इस बैठक में हाउसिंग फॉर ऑल के महानिदेशक जे.गणेशन, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।