सिरसाः गांव गांधी में टायर फैक्ट्री लगने से भड़के किसान, जोगीवाला में अनिश्चितकालीन धरना शुरू
सिरसा जिले के गांव जोगीवाला से सटे राजस्थान बॉर्डर पर आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसानों ने एक टायर गलाने (Pyrolysis) वाली फैक्ट्री के विरोध में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले (भादरा तहसील) के सीमावर्ती गांव गांधी में यह प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्री लगाई जा रही है, जिससे पूरे इलाके की आबोहवा खराब होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
गांव गांधी भौगोलिक रूप से हरियाणा और राजस्थान की सीमा पर बसा हुआ है। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि टायर जलाने और गलाने से निकलने वाला जहरीला धुंआ और केमिकल आसपास के गांवों की हवा, पीने के पानी और उपजाऊ खेती को पूरी तरह से बर्बाद कर देगा।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) की गाइडलाइंस के अनुसार भी इस तरह की फैक्ट्रियों से निकलने वाला कार्बन ब्लैक और हानिकारक गैसें मानव स्वास्थ्य और फसलों के लिए बेहद खतरनाक होती हैं। इसी पर्यावरण संकट को देखते हुए हरियाणा और राजस्थान, दोनों राज्यों के किसान एकजुट हो गए हैं।
इस विरोध प्रदर्शन में हरियाणा के जोगीवाला, चाहरवाला, रामपुरिया बगड़िया सहित कई गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने धरना शुरू कर दिया है। धरने का नेतृत्व कर रहे प्रमुख लोगों में देश बंधु बैनीवाल, सरपंच प्रतिनिधि अनिल बैनीवाल, पूर्व सरपंच कृष्ण जी, महावीर भाकर, भूप सिंह बैनीवाल, हरबंस खेतलान, प्रवीण पोहड़, सुभाष जाखड़, रामूर्ति खेतलान, सतबीर साहू, राजेंद्र जाखड़, गिरधारी बैनीवाल, संदीप खेतलान, सुरेंद्र और साधुराम शामिल रहे।
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दूसरी ओर, राजस्थान के गांव गांधी से भी भारी संख्या में लोग इस धरने को अपना समर्थन देने पहुंचे। गांधी गांव की तरफ से रामस्वरूप छिम्पा, रोहताश छिम्पा, सुभाष पुनिया, रणधीर छिम्पा, महावीर पुनिया, शंकरलाल पूनियां, प्रहलाद पूनियां, सुनील और भागीरथ ने भी मोर्चे को संबोधित किया। सभी किसानों और ग्रामीणों ने दोनों राज्यों के प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि जब तक गांव गांधी में टायर फैक्ट्री लगाने की प्रक्रिया को स्थायी रूप से बंद नहीं किया जाता, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना दिन-रात जारी रहेगा।