हरियाणा रोडवेज यूनियन का बड़ा ऐलान: निजीकरण के विरोध में 24 मई को अंबाला में परिवहन मंत्री का करेंगे घेराव

रोडवेज चालकों को दमकल विभाग में भेजने पर भड़की यूनियन, दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
 

Sirsa News: हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने परिवहन विभाग के निजीकरण और कच्चे कर्मचारियों की भर्ती के विरोध में आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक में लिए गए अहम फैसलों के तहत आगामी 24 मई को अंबाला में परिवहन मंत्री के आवास का घेराव कर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा।

यूनियन ने राज्य सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अग्निशमन कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और रोडवेज की मांगें अनसुनी की गईं, तो रोडवेज कर्मचारी भी चल रही दमकल विभाग की हड़ताल में सीधे तौर पर शामिल हो जाएंगे।

राज्य प्रधान नरेंद्र दिनोद की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में महासचिव सुमेर सिवाच ने विभाग को बड़े पूंजीपतियों को सौंपने की कथित तैयारियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। प्रदेश प्रवक्ता व सिरसा डिपो प्रधान पृथ्वी सिंह चाहर ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा अग्निशमन कर्मचारियों की हड़ताल को विफल करने के लिए रोडवेज के चालकों को दमकल वाहन चलाने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

बिना किसी पूर्व प्रशिक्षण या अनुभव के इन चालकों को खतरनाक ड्यूटी पर भेजा जा रहा है, जिसका नतीजा सोनीपत डिपो के एक चालक के वाहन से गिरकर गंभीर रूप से घायल (पैर फ्रैक्चर) होने के रूप में सामने आया है। यूनियन ने इस प्रतिनियुक्ति को तुरंत रद्द करने और घायल चालक के इलाज का पूरा खर्च व मुआवजा अग्निशमन विभाग द्वारा वहन करने की मांग उठाई है।

मई माह में होंगे सिलसिलेवार प्रदर्शन

कर्मचारियों की मांगों को मनवाने के लिए यूनियन ने चरणबद्ध आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा तैयार की है। सर्व कर्मचारी संघ के आह्वान पर एक मई को मजदूर दिवस के अवसर पर सभी जिला मुख्यालयों पर पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद चार मई को अग्निशमन कर्मचारियों के समर्थन में प्रदेश भर के सभी बस डिपो पर दो घंटे का विरोध प्रदर्शन कर महानिदेशक परिवहन के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलन के चरम पर 24 मई को अंबाला में परिवहन मंत्री के आवास पर मास डेपुटेशन किया जाएगा, जहां कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने संबंधी हजारों याचिका फॉर्म सीधे मंत्री को सौंपे जाएंगे।

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10 हजार नई बसें शामिल करने की मांग

यूनियन की प्रमुख मांगों में परिवहन विभाग के बेड़े में तुरंत दस हजार नई बसों को शामिल करना और न्यायालय के आदेशानुसार एचकेआरएन सहित सभी कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना शामिल है। पदाधिकारियों ने मांग रखी है कि चालकों का वेतनमान 53,100 रुपये तथा परिचालकों व लिपिकों का वेतनमान 35,400 रुपये लागू किया जाए। इसके साथ ही एक माह में 30 रात्रि ठहराव का भुगतान, अर्जित अवकाश की पूर्व व्यवस्था बहाली, 194 अड्डा इंचार्ज के पदों का सृजन, कर्मशाला के ग्रुप-डी कर्मचारियों को तकनीकी वेतनमान और 2008 में भर्ती परिचालकों की उप-निरीक्षक पद पर पदोन्नति की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि चार नई श्रम संहिताओं को थोपकर कर्मचारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।