Sirsa News: भ्रूण हत्या पर प्रशासन सख्त, डॉ. सिद्धांत आहूजा ने आरएमपी चिकित्सकों को दिए ये निर्देश
Sirsa News: नाथूसरी चौपटा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में वीरवार को आरएमपी की बैठक हुई। बैठक के दौरान उन्हें कम लिंगानुपात के बारे में जागरूक किया गया गया। अगर कोई ऐसा काम करता है या करवाता है उसकी रिपोर्ट करने को कहा गया। इसी के साथ ही एचपीवी वैक्सीन के बारे में जागरूकता दी गई।
सीएचसी नाथूसरी चौपटा के प्रभारी डा. सिद्वांत आहुजा ने जानकारी देते हुए बताया कि सृष्टि के निर्माण में बेटियों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, इसके बावजूद बेटियों को कोख में ही मारा जा रहा है। इसे जघन्य पाप बताते हुए उन्होंने कहा कि इस मानसिकता को बदलना होगा और इसमें आज की युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान को जनआंदोलन बनाए जाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करने की एक प्रमुख राष्ट्रीय पहल है। जिसका उद्देश्य बेटियों को सामाजिक और वित्तीय रूप से स्वतंत्र बनाना है।
इसी के साथ ही उन्होंने कहा कि एचपीवी एक वायरस है जो मुख्य रूप से महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर) का प्रमुख कारण बनता है। यह संक्रमण अक्सर बिना किसी लक्षण के फैलता है और समय के साथ गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। इसी कारण कम उम्र में ही इस वायरस से बचाव के लिए टीकाकरण किया जाता है। एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को टीके लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि यह टीका सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है और शरीर में वायरस के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित करता है। यह भविष्य में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को काफी हद तक कम करता है। किशोरावस्था में लगाया गया टीका अधिक प्रभावी माना जाता है।
उन्होंने बताया कि समय पर टीकाकरण से महिलाओं में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के मामलों को काफी हद तक रोका जा सकता है। अधिकारियों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी बेटियों को इस महत्वपूर्ण टीकाकरण अभियान में अवश्य शामिल कराएं।
उन्होंने कहा कि 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की सभी लड़कियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस गंभीर बीमारी के खतरे को कम किया जा सके।