चौपटाः 11 अगस्त को धूमधाम से मनाया जाएगा सावन शिवरात्रि महोत्सव, गांव-गांव में सजेंगे शिव दरबार, कांवड़िये करेंगे जलाभिषेक
नाथूसरी चोपटा/सिरसा। सिरसा जिले के नाथूसरी चोपटा क्षेत्र में 11 अगस्त, मंगलवार को सावन शिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार इस वर्ष सावन शिवरात्रि 11 अगस्त को है। चतुर्दशी तिथि 11 अगस्त को सुबह 4 बजकर 54 मिनट पर शुरू होकर 12 अगस्त को रात 1 बजकर 52 मिनट पर समाप्त होगी। इस अवसर पर क्षेत्र के गांव-गांव स्थित शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कांवड़ लेकर पहुंचेंगे शिव भक्त, होगा जलाभिषेक
सावन शिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में कांवड़िये पवित्र जल लेकर अपने-अपने गांवों के शिवालयों में पहुंचेंगे। कांवड़ यात्रा 30 जुलाई को सावन के पहले दिन शुरू हुई थी और इसका समापन 11 अगस्त को सावन शिवरात्रि के दिन होगा। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर बेलपत्र, धतूरा, फूल, फल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित करेंगे। क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना है। मंदिरों में 'हर हर महादेव' और 'बम-बम भोले' के जयकारों से वातावरण भक्तिमय रहेगा।
पैतालिसा क्षेत्र के गांवों में भी होंगे धार्मिक आयोजन
राजस्थान की सीमा से सटे नाथूसरी चोपटा क्षेत्र के पैतालिसा इलाके में भी सावन शिवरात्रि को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। कागदाना, कुम्हारिया, खेड़ी, चाहरवाला, जोगीवाला, रामपुरा नवाबाद, जसानियां, राजपुरा साहनी, गुसाईआना, बकरियांवाली, गुड़िया खेड़ा, माधोसिंघाना और ढूकड़ा सहित आसपास के अनेक गांवों में शिवालयों को सजाया जाएगा। कई स्थानों पर मंदिर परिसरों में विशेष सजावट, रोशनी और धार्मिक झांकियों की तैयारियां भी की जा रही हैं। स्थानीय श्रद्धालु अपने स्तर पर मंदिरों में पूजा-पाठ और भंडारे की व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।
सुबह से शुरू होंगे धार्मिक अनुष्ठान, शाम को होगी भजन संध्या
सावन शिवरात्रि के दिन सुबह से ही मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो जाएंगे। श्रद्धालु भगवान शिव का अभिषेक करेंगे और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली तथा क्षेत्र में शांति की कामना करेंगे। कई मंदिरों में दिनभर शिव महिमा, संकीर्तन, भजन और धार्मिक पाठ का आयोजन किए जाने की तैयारियां हैं। शाम होते-होते मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
क्षेत्र के कई गांवों में सावन शिवरात्रि के अवसर पर भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा। दोपहर बाद शुरू होने वाले धार्मिक कार्यक्रम शाम को भजन-कीर्तन में बदल जाएंगे। शिव भक्त देर रात तक भगवान भोलेनाथ की भक्ति में लीन रहेंगे। आयोजकों की ओर से स्थानीय एवं सुप्रसिद्ध भजन गायकों को आमंत्रित किए जाने की तैयारियां की जा रही हैं।
चार प्रहर में शिव पूजा का धार्मिक महत्व, भंडारे भी लगेंगे
शिवरात्रि पर रात्रि पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। शिवरात्रि की रात में चार प्रहरों में शिव पूजा की परंपरा निभाई जाती है। स्थानीय मंदिरों में पूजा और जलाभिषेक का समय मंदिर समिति तथा स्थानीय परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। सावन शिवरात्रि के अवसर पर कई गांवों में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की जाएगी। ग्रामीण अपने स्तर पर प्रसाद, पेयजल और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था करेंगे। कांवड़ लेकर आने वाले शिव भक्तों के लिए भी रास्तों में सेवा शिविर लगाए जाने की तैयारियां की जा रही हैं। इन शिविरों में जलपान और विश्राम सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा।
सुरक्षा और व्यवस्था पर भी रहेगा जोर
सावन शिवरात्रि के दौरान मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाएं की जाएंगी। मंदिर समितियों और ग्रामीण युवाओं की ओर से भीड़ को नियंत्रित करने, पार्किंग, पेयजल और साफ-सफाई जैसी व्यवस्थाओं पर ध्यान दिया जाएगा। कांवड़ियों के आवागमन वाले मार्गों पर भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
शिव भक्ति में डूबेगा चोपटा क्षेत्र
सावन शिवरात्रि के अवसर पर नाथूसरी चोपटा क्षेत्र का माहौल पूरी तरह शिवमय होने की उम्मीद है। गांवों के शिवालयों में सुबह से रात तक पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का दौर चलेगा। कांवड़ियों के पहुंचने और जलाभिषेक के दौरान 'हर हर महादेव' के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आएगा। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ से परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छी बारिश, फसलों की खुशहाली और क्षेत्र में सुख-शांति की कामना करेंगे।