टूटा फर्श व दीवारों में दरारें, ओढां का डाकघर दे रहा हादसे को न्योता
सिरसा/ओढां। सिरसा जिले के ओढां स्थित डाकघर की जर्जर इमारत अब कर्मचारियों और आम लोगों के लिए खतरे का कारण बनती जा रही है। भवन की दीवारों, फर्श और छत के कई हिस्सों में दरारें और टूट-फूट सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने हादसे की आशंका जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और ज्यादा खराब हो जाती है, क्योंकि डाकघर का भवन सड़क स्तर से करीब चार फुट नीचे बना हुआ है। ऐसे में जलभराव की वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
हर रोज सैंकड़ों लोगों का होता है आना
ओढां डाकघर का पिन कोड 125077 है और यहां आसपास के गांवों के लोग भी डाक, बैंकिंग और पेंशन से जुड़े कामों के लिए हर दिन बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं, छात्र और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के ग्राहक यहां आते हैं। भवन की हालत खराब होने के कारण लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक डाकघर भवन काफी पुराना हो चुका है और लंबे समय से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। कई जगह प्लास्टर टूटकर गिर चुका है, जबकि फर्श भी जगह-जगह धंसता दिखाई दे रहा है। कर्मचारियों को भी रोजाना असुरक्षा के बीच काम करना पड़ रहा है।
बरसाती दिनों में हालत और हो जाते है खराब
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान डाकघर परिसर में पानी भर जाता है। भवन नीचे होने के कारण बारिश का पानी अंदर तक पहुंच जाता है, जिससे रिकॉर्ड और उपकरणों को भी नुकसान होने का खतरा रहता है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत या स्थानांतरण नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पूर्व सरपंच कई बार भेज चूकी है शिकायत
पूर्व सरपंच रीना बिरट ने बताया कि मामले को लेकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय संचार मंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन को शिकायत भेजी गई है। शिकायत में डाकघर को तुरंत किसी सुरक्षित भवन में शिफ्ट करने या नए भवन की व्यवस्था करने की मांग उठाई गई है।
ग्रामीणों ने कहा कि डाकघर गांव की जरूरी सेवाओं में शामिल है। यहां पेंशन वितरण, बैंकिंग सुविधा, आधार लिंकिंग, मनी ट्रांसफर और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए रोजाना लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में भवन की खराब हालत सीधे आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला बन चुकी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को मौखिक रूप से भी समस्या बताई गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले और किसी भी दुर्घटना से पहले जरूरी कदम उठाए।