IIT हैदराबाद में चयनित साहिल नागल का गोविन्दम देशी गाय फार्म माखोसरानी ने किया सम्मान, बिना कोचिंग हासिल की सफलता
चोपटा/सिरसा। गांव माखोसरानी निवासी साहिल पुत्र जगदीश नागल का आईआईटी हैदराबाद में चयन होने पर गोविन्दम देशी काऊ फार्म, माखोसरानी की ओर से सम्मान समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने साहिल की उपलब्धि को पूरे गांव के लिए गौरव का क्षण बताया।
सम्मान समारोह में गोविन्दम देशी काऊ फार्म के संचालक पवन कुमार पूनिया और दिनेश कुमार पूनिया सहित धर्मपाल पूनिया, ओम प्रकाश, रमेश कुमार कासनियां, रोहताश कस्वां, भारत पूनिया, छोटूराम, जगदीश, राजू और विकास कुमार उपस्थित रहे। सभी ने साहिल को स्मृति चिन्ह देकर उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
साहिल ने बताया कि उन्होंने दसवीं कक्षा बराच मॉडल स्कूल से तथा बारहवीं कक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, चोपटा से उत्तीर्ण की। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के कठिन परिश्रम और नियमित अध्ययन के दम पर आईआईटी हैदराबाद में चयन हासिल किया। साहिल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादा-दादी, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया।
साहिल के दादा हेमराज नागल ने कहा कि पोते की इस उपलब्धि से पूरे परिवार को गर्व है और यह गांव के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
गोविन्दम देशी काऊ फार्म लगातार कर रहा प्रतिभाओं का सम्मान
गोविन्दम देशी काऊ फार्म, माखोसरानी की ओर से गांव में शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को समय-समय पर सम्मानित किया जाता है। इसी कड़ी में इस बार आईआईटी हैदराबाद में चयनित साहिल नागल को सम्मानित किया गया।
5 गायों से शुरू हुआ सफर, आज 70 देसी गायों का सफल डेयरी मॉडल
गोविन्दम देशी काऊ फार्म की स्थापना लगभग 6 वर्ष पहले दो किसान भाइयों दिनेश कुमार पूनिया और पवन कुमार पूनिया, पुत्र धर्मपाल पूनिया, ने मात्र 5 देसी गायों से की थी। आज उनके फार्म में लगभग 70 देसी गायें हैं।
दोनों भाई नौकरी करने के साथ-साथ परंपरागत खेती और आधुनिक डेयरी प्रबंधन का सफल मॉडल चला रहे हैं। फार्म में देसी गाय के दूध से तैयार पनीर, खोया, रसगुल्ला, गुलाब जामुन, कलाकंद और बिलोना घी पूरी तरह शुद्ध एवं बिना मिलावट के तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा केंचुआ खाद (वर्मी कम्पोस्ट) का उत्पादन भी किया जाता है, जिसकी मांग हरियाणा के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों से भी आ रही है।
गोविन्दम देशी काऊ फार्म का यह मॉडल युवाओं के लिए स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा बन रहा है, वहीं गांव की प्रतिभाओं को सम्मानित करने की पहल सामाजिक जिम्मेदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।