चोपटा के खेड़ी गांव में युवा समीर सहारण की दूसरी पुण्यतिथि पर 40 युवाओं ने किया रक्तदान, पिता ने बनवाया मुख्य द्वार

 

चोपटाः हरियाणा के चोपटा ब्लॉक के खेड़ी गांव में एक पिता ने अपने जवान बेटे की याद को हमेशा के लिए संजो दिया है। युवा समीर सहारण की दूसरी पुण्यतिथि पर उनके परिवार ने गांव में एक रक्तदान शिविर लगाया। इसमें 40 युवाओं ने आगे आकर खून दान किया। इसके साथ ही, समीर के पिता महेंद्र सिंह ने गांव की कल्याण भूमि (श्मशान घाट) के लिए एक मुख्य द्वार भी बनवाया। इस द्वार का उद्घाटन समाजसेवी कप्तान मीनू बैनीवाल ने किया।

सड़क हादसे में गई थी समीर की जान

समीर के चाचा राजवीर सहारण ने बताया कि दो साल पहले हिसार में एक सड़क हादसे में समीर की मौत हो गई थी। अपने जवान बेटे को खोने का दुख बहुत बड़ा था, लेकिन परिवार ने उसकी याद में समाज के लिए कुछ अच्छा करने का फैसला लिया।

इसी सोच के साथ गांव में वरदान ब्लड सेंटर, सिरसा की मदद से यह ब्लड कैंप लगाया गया। डॉ. जगदीश राय और अंकुश तलवाड़ की टीम ने 40 यूनिट खून जमा किया। खून दान करने वाले सभी युवाओं को इनाम और सर्टिफिकेट देकर उनका हौसला भी बढ़ाया गया।

इस मौके पर सिर्फ रक्तदान ही नहीं हुआ, बल्कि पर्यावरण को बचाने के लिए पौधे भी लगाए गए। समाजसेवी कप्तान मीनू बैनीवाल ने मुख्य द्वार का उद्घाटन करने के बाद कल्याण भूमि में पौधे लगाए। सभी लोगों ने समीर की तस्वीर पर फूल चढ़ाकर उसे श्रद्धांजलि दी।

सरपंच सुरेश पूनियां ने बताया कि इस भावुक मौके पर गांव और आस-पास के कई गणमान्य लोग सरपंच संदीप बैनीवाल गीगोरानी, मांगेराम बैनीवाल कागदाना, समाजसेवी हरदत पूनियां, पूर्व सरपंच विनोद बिश्नोई, ब्लाक समिति प्रधान मांगेराम पूनियां, सरपंच राजेंद्र ढूकड़ा, वेद प्रकाश सहित खेड़ी गुसाईंयाना, कुम्हारिया के सैकड़ोें लोग परिवार का साथ देने पहुंचे। परिवार के इस नेक काम की सभी ने खुलकर तारीफ की।