सिरसा के गांव में बस एक कॉल और पशुओं के लिए घर पहुँचेगी अस्पताल वाली सुविधा, अब तक 28 हज़ार से ज़्यादा को मिला लाभ।

 

पशुपालकों के लिए 1962 मोबाइल यूनिट्स बनी सहारा: डा. सुखदीपक सिंह

Haryana (Sirsa): ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर एवं त्वरित पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 1962 मोबाइल वेटरनरी सेवा जिले में प्रभावी रूप से कार्य कर रही है। डॉ. सुखदीपक सिंह, जीवीएच ओढ़ां ने बताया कि विभाग द्वारा नियमित रूप से गांवों में शिविर लगाकर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें पशुपालकों को पशुओं के संतुलित आहार, टीकाकरण, रोगों की रोकथाम तथा समय पर उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से बताया जाता है।

इससे पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में जिले में 5 मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स सक्रिय हैं, जो गांव-गांव पहुंचकर पशुओं का उपचार कर रही हैं तथा पशुपालकों को मौके पर ही आवश्यक परामर्श भी दे रही हैं। सेवा शुरू होने के बाद से अब तक 28,743 पशुओं का सफल उपचार किया जा चुका है। इससे विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों के पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें उपचार के लिए शहरों या अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। यह सुविधा सीधे उनके द्वार तक पहुंच रही है।

यह सेवा हरियाणा सरकार एवं पशुपालन एवं डेयरी विभाग की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित किया जा रहा है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाया जा रहा है और पशुधन संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। डा. सिंह ने बताया कि पशुपालन आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में यह सेवा एक प्रभावी कदम साबित हो रही है, जिससे पशुपालकों को निरंतर लाभ मिल रहा है।