सिरसा में नहरों में नहाने पर लगी पाबंदी, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्यवाही

 

सिरसा। गर्मी के इस मौसम में अगर आप या आपके बच्चे नहर में नहाने की सोच रहे हैं, तो सावधान हो जाएं। सिरसा के जिलाधीश (DC) शांतनु शर्मा ने जिले से होकर गुजरने वाली सभी बड़ी-छोटी नहरों में आम लोगों के नहाने और अंदर जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। हादसों को रोकने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में तुरंत प्रभाव से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 163 (जिसे पहले धारा 144 कहा जाता था) लागू कर दी गई है।

प्रशासन को यह सख्त कदम इसलिए उठाना पड़ा क्योंकि इन दिनों भीषण गर्मी और नौतपा के चलते बड़ी संख्या में युवा और बच्चे नहाने के लिए नहरों का रुख कर रहे हैं। नहरों में पानी का बहाव बहुत तेज होता है और कई जगह गहराई का भी सही अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे जान जाने का खतरा हमेशा बना रहता है।

यह पाबंदी हाल ही में सिरसा जिले में हुए कई दर्दनाक हादसों का नतीजा है। इसी महीने मई में सिरसा के देसू मलकाना गांव के पास भाखड़ा नहर में नहाते समय एक 16 साल के किशोर की डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा डबवाली की एक माइनर में भी नहाने गए एक युवक ने अपनी जान गंवा दी थी। लगातार हो रहे इन हादसों और जानमाल के नुकसान को देखते हुए प्रशासन ने बिना किसी देरी के नहरों में नहाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है।

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जिलाधीश के आदेशों में साफ कहा गया है कि सिरसा की सीमा में आने वाली किसी भी नहर में कोई भी व्यक्ति नहीं नहा सकता। पुलिस और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को इन आदेशों का सख्ती से पालन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। अगर कोई व्यक्ति इन आदेशों को नहीं मानता है या नहर में नहाता हुआ पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी माता-पिता से भी अपील की है कि वे अपने बच्चों को नहरों की तरफ जाने से रोकें।