8वीं में उठा पिता का साया, मां के संघर्ष और हौसले से सिरसा के चैतन्या ने JEE Main में हासिल किए 99.47 परसेंटाइल
सिरसा 11 मार्च। मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है.. ये पंक्तियां जेईई JEE मेन फेज 1 में 99.47 परसेंटाइल percentile लाने वाले चैतन्या बत्रा पर बिलकुल सटीक बैठती हैं। हम आप को आज एक ऐसे बच्चे की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने अंधेरों से लड़ कर खुद का मक़ाम तैयार किया है।
साल 2020 में कोरोना ने देश में अपना कहर बरपाना शुरू किया जिसमे न जाने कितने परिवार उजड़ गए। ऐसे मुश्किल वक़्त में जब पूरा देश अनिश्चितता और डर के माहौल से गुजर रहा था, उसी समय चैतन्या बत्रा के परिवार पर एक के बाद एक दो बड़े आयात हुए। पहले उनके दादा जी का निधन हुआ और कुछ महीनों बाद चेचन्या के सर से पिता का साया भी छिन गया। उस समय चैतन्या 8वीं कक्षा का विद्यार्थी था।
परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह अस्थिर हो चुका था। उनकी मां, जो स्वयं सीमित आय पर परिवार संभाल रही थीं, एक ऐसे मोड़ पर खड़ी थीं जहाँ एक ओर घर चलाने की चुनौती थी तो दूसरी ओर बच्चे के भविष्य को सुरक्षित रखना उससे भी बड़ी चिंता। इन्हीं परिस्थितियों में उन्होंने यह निर्णय लिया कि चाहे कुछ भी हो, बेटे की पढ़ाई नहीं रुकेगी।
प्रारंभ में उन्होंने सोचा कि किसी स्थानीय संस्थान में प्रवेश दिला दें, परंतु उन्हें यह डर था कि कहीं गुणवत्ता की कमी उसके सपनों को सीमित न कर दे। ऐसे समय पर उनके जानने वालों ने उन्हें आकाश इंस्टीट्यूट के बारे में बताया यहां से पढ़ाई की उसके कारण वह अव्वल रहा